
School Holiday : झालावाड़ जिले में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शनिवार को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मौसम विभाग की चेतावनी और संभावित जलभराव की परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। विद्यालयों का शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ पूर्ववत विद्यालय में उपस्थित रहेगा। स्टाफ को विद्यालय से जुड़े आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शैक्षणिक व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं हों।
मौसम विभाग की ओर से जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में बच्चों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी के साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी हो सकता है। शनिवार को विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी, लेकिन स्कूलों में शिक्षक व अन्य स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान बच्चों की सुरक्षा का खास ध्यान रखें। बच्चों को बिना वजह घर से बाहर न भेजें। साथ ही उन्हें नदी, नाले, तालाब और पानी भरे इलाकों से दूर रखें।
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार मौसम पर नजर रख रहे हैं। बारिश की स्थिति को देखते हुए आगे भी जरूरत पड़ने पर फैसले लिए जा सकते हैं। छात्रों और आम लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
झालावाड़ जिले में दो दिन से सावन जैसी झड़ी लगी हुई है। शुक्रवार को सुबह से ही कभी तेज तो कभी धीमी बारिश का दौर चलता रहा। करीब एक सप्ताह बाद हुई अच्छी बारिश ने जहां मौसम खुशनुमा कर दिया, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई। बारिश की कमी से चिंता में पड़े किसानों के लिए यह पानी राहत लेकर आया है।
जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक सुनेल में 76 और पचपहाड़ में 73 एमएम बारिश हुई। लगातार रिमझिम और तेज बारिश से खेतों में नमी बढ़ने लगी है और खरीफ फसलों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
लगातार हो रही बारिश से जिले के नदी-नालों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। रिमझिम बारिश का दौर जारी रहने से जमीन में नमी भी बनी रहेगी। इससे फसलों के साथ भूजल स्तर भी बढ़ेगा। जिले में अब तक 731.53 एमएम औसत बारिश हो चुकी है। गत वर्ष जिले में कुल 1087 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इस बार भी मानसून की सक्रियता बनी रही तो बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।