
झांसी : जनपद के उल्दन थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बंगरा की महिलाओं ने गांव में धड़ल्ले से बन रही अवैध कच्ची शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रही ग्रामीण महिलाएं गुरुवार को हाथों में तख्तियां लेकर करीब 50 किलोमीटर का सफर तय कर झांसी कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि गांव में खुलेआम तैयार और बेची जा रही अवैध कच्ची शराब ने उनके परिवारों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है। महिलाओं का कहना है कि गांव के कई पुरुष शराब की लत में फंस चुके हैं, जिसके चलते घरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। इतना ही नहीं, शराब के नशे में आए दिन घरेलू हिंसा और मारपीट की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
महिलाओं ने बताया कि शराब बेचने वाले लोग पहले ग्रामीणों को उधार या मुफ्त में शराब पिलाकर इसकी लत लगाते हैं और बाद में उनसे अपने ठिकानों पर मजदूरी करवाते हैं। कई परिवारों में हालात ऐसे हैं कि पुरुष घर का राशन, अनाज और घरेलू सामान तक बेचकर शराब खरीदने चले जाते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भरण-पोषण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे अवैध शराब कारोबार को तत्काल बंद कराने तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
गौरतलब है कि बंगरा क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब को लेकर पहले भी विरोध के स्वर उठ चुके हैं। हाल ही में महिलाओं ने अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ पुलिस चौकी पर भी प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग की थी।
उधर, झांसी में आबकारी विभाग समय-समय पर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। हाल के महीनों में विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है।
महिलाओं के प्रदर्शन के बाद जिला आबकारी अधिकारी मनीष कुमार ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।