Jhunjhunu News: वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर वित्त एवं विनियोग विधेयक की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने झुंझुनूं जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं की।
Jhunjhunu News: झुंझुनूं. वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर वित्त एवं विनियोग विधेयक की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने झुंझुनूं जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं से जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पशु चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
खास बात यह है कि इन योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को मिलेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उप जिला चिकित्सालय खेतड़ी में ट्रोमा सेंटर स्थापित किया जाएगा। ट्रोमा सेंटर शुरू होने से सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकेगा।
इससे गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में रैफर करने की आवश्यकता कम होगी। पशुपालन क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए मंडावा क्षेत्र के शेखसर में संचालित पशु चिकित्सा उपकेंद्र को क्रमोन्नत कर पशु चिकित्सालय बनाया जाएगा। इससे पशुपालकों को पशुओं के बेहतर इलाज सुविधा मिलेगी।
पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए खेतड़ी क्षेत्र के गोठड़ा में शहरी जल योजना के पुनरुद्धार पर 5 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के पुनर्जीवन से लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा। खासकर गर्मी के मौसम में जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम निर्णय लिया गया है। खेतड़ी क्षेत्र के बबाई स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और उनकी उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ेगी।
सबसे बड़ी सौगात सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण को लेकर मिली है। गाडाखेड़ा-शाहपुर-श्यामपुरा मैनाना-पालोता-बुहाना मार्ग के 12.5 किलोमीटर हिस्से के चौड़ाईकरण और मजबूतीकरण के लिए 9 करोड़ 98 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। लंबे समय से यह सड़क जर्जर हालत में थी। इसी प्रकार रामपुरा से डाबड़ी धीर सिंह तक 10 किलोमीटर डामर सड़क के चौड़ाईकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 7 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस सड़क के बेहतर होने से आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। साथ ही पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को डिजिटल संसाधन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।