Rajasthan Crime News: आरोपी खुद को एक एनजीओ का उपाध्यक्ष और सीआईडी का फर्जी अफसर बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था। इस पूरे मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
Police Expose International Contract Killing Conspiracy: राजस्थान के झुंझुनूं जिले की पिलानी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रची गई हत्या की एक सनसनीखेज साजिश को नाकाम करते हुए मुख्य आरोपी हर्ष पटेल को अहमदाबाद से दबोच लिया है। आरोपी खुद को एक एनजीओ का उपाध्यक्ष और सीआईडी का फर्जी अफसर बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था। इस पूरे मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि इस खौफनाक साजिश की नींव ऑस्ट्रेलिया की एक यात्रा के दौरान रखी गई थी। गुजरात के एक सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापक काजल पटेल को अपने पति के विवाहेतर संबंधों का शक था। उसने अपने पति की कथित प्रेमिका आरती पटेल को रास्ते से हटाने के लिए ऑस्ट्रेलिया में मिले हर्ष पटेल से संपर्क साधा। हर्ष ने खुद को सीआईडी अधिकारी बताकर महिला को झांसे में लिया और हत्या का सौदा 20 लाख रुपये में तय हुआ।
मर्डर की इस प्लानिंग में अहमदाबाद के एक ट्रांसपोर्टर गोपाल शर्मा (मृत) और वडोदरा के अनुज शर्मा को भी शामिल किया गया। अनुज ने राजस्थान के झुंझुनूं जिले से चार शूटर्स—सचिन मेघवाल, हिमांशु, आकाश और मनोज वाल्मीकि—को तैयार किया। इन बदमाशों को 1 लाख रुपये एडवांस देकर गुजरात बुलाया गया था, जहाँ उन्हें टारगेट की फोटो दिखाई गई और घटनास्थल की रेकी भी कराई गई।
शूटर वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार थे, लेकिन इलाके में भारी सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों के जाल को देखकर वे घबरा गए। वे वारदात को आगे के लिए टालकर वापस राजस्थान लौट आए। इसी बीच, 21 नवंबर 2025 को पिलानी में एक शराब ठेके पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग की जांच के दौरान पुलिस ने जब हिमांशु जाट को पकड़ा, तो उसने इस पूरी सुपारी किलिंग का खुलासा कर दिया।
एसपी के अनुसार, इस गिरोह के 7 सदस्य पहले ही जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं। मास्टरमाइंड हर्ष पटेल की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे षडयंत्र की कड़ियां जुड़ गई हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी किसी ऐसी वारदात को अंजाम दिया है।