
Police Constable Padam Singh Death: नवलगढ़ (झुंझुनूं): राजस्थान पुलिस के एक बहादुर जवान पदम सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे बीते करीब एक साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे थे। बुधवार तड़के करीब तीन बजे नवलगढ़ जिला अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव नवलड़ी पहुंचा, तो पूरे इलाके की आंखें नम हो गईं।
बता दें कि पदम सिंह जयपुर में कार्यरत थे। बीमारी के चलते वे पिछले एक साल से मेडिकल छुट्टी पर घर आते-जाते रहते थे। करीब दस दिन पहले ही वे परिवार के पास आए थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
जैसे ही जवान की देह उनके पैतृक गांव पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। हेड कांस्टेबल दामोदर के नेतृत्व में पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें पहला 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ तिरंगा यात्रा निकालते हुए पार्थिव देह को मुक्तिधाम ले जाया गया।
वहां पुलिस जवानों ने दोबारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर अपने साथी को सलामी दी। इसके बाद बेटे अशोक ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के समय एसआई सीताराम ने सम्मान का प्रतीक तिरंगा पुत्र अशोक के हाथों में सौंपा। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर जवान को अंतिम विदाई दी।
पदम सिंह के चले जाने से उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी और भविष्य का गहरा संकट खड़ा हो गया है। उनके माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था। परिवार में पीछे पत्नी रुकमणी देवी, चार बेटियां और एक बेटा अशोक हैं। तीन बेटियों का विवाह हो चुका है, जबकि एक बेटी और बेटा अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
घर में पदम सिंह ही अकेले कमाने वाले थे। उनके जाने के बाद अब परिवार के सामने भरण-पोषण और बच्चों की आगे की पढ़ाई को लेकर चिंता गहरा गई है। पूरा गांव इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा नजर आ रहा है।