IMD Yellow Alert: नौतपा में भीषण गर्मी और लू ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिनभर चिलचिलाती धूप के बाद शाम को कई इलाकों में मौसम बदला और हल्की बारिश से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में राजस्थान में तेज आंधी, मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
Jhunjhunu Rain: नौतपा के दूसरे दिन झुंझुनूं जिले में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। दिन चढ़ने के साथ सूरज के तीखे तेवर और अधिक बढ़ते गए तथा दोपहर तक हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई। सुबह की शुरुआत से ही गर्मी असहनीय बनी रही। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप के बीच चली लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया।
बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्मी से बचाव के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों और छांव का सहारा लेते नजर आए। दिनभर की तेज गर्मी के बाद कल शाम को मौसम ने करवट ली। जिले के विभिन्न हिस्सों में दोपहर बाद बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। वहीं नवलगढ़ क्षेत्र में देर शाम तेज हवा के साथ हल्की बरसात हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई।
मौसम विभाग ने जिले में 30 मई तक मौसम परिवर्तन की संभावना जताई है। विभाग की ओर से ऊष्ण लहर, मेघगर्जन, वज्रपात तथा तेज आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कहीं-कहीं मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
गर्मी में लोगों के लिए पेयजल व्यवस्था के लिए जलदाय विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से निशुल्क टैंकर व्यवस्था शुरू कर रखी है। यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। मंडावरा पंचायत प्रशासक ग्यारसी लाल गुर्जर की माने तो उनका कहना है कि पंचायत क्षेत्र में दो राजस्व गांव व 8 ढाणियां है। टैंकर स्वीकृत है एक दिन के मात्र तीन। वह भी सुचारू नहीं चल रहे हैं। यही स्थिति पचलंगी, पापड़ा,बाघोली सहित अन्य गांवों की है। लोगों को मजबूरी में इस भीषण गर्मी में इधर-उधर भटकर पीने के पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। कई गांवों में जलदाय विभाग की सप्लाई व्यवस्था होने के कारण वहां पर टैंकरों की संख्या कम है। लेकिन सप्लाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने से लोगों को महंगे दामों में टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं।