झुंझुनू

बर्थडे पर रक्तदान करने पहुंचा खूंखार हिस्ट्रीशीटर, पुलिस को देखते ही भागे साथी; 15 गाड़ियां जब्त, झुंझुनूं में 10 गिरफ्तार

झुंझुनूं जिले में मुकुंदगढ़ के सोटवारा गांव में जन्मदिन पर आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में पहुंचे हिस्ट्रीशीटर नितेश उर्फ ब्लैकिया की सूचना पर तीन थानों, डीएसटी और क्यूआरटी ने छापा मारा। पुलिस ने 15 थार, स्कॉर्पियो, बोलेरो और कैंपर जब्त कर 10 युवकों को गिरफ्तार किया। ब्लैकिया समेत कुछ आरोपी खेतों के रास्ते फरार हो गए।
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Jul 23, 2026
Rajasthan Police action Jhunjhunu
15 गाड़ियां जब्त, 10 बदमाश गिरफ्तार (पत्रिका फोटो)

मुकुंदगढ़ (झुंझुनूं): सोशल मीडिया पर 'RJ18 माफिया' और 'ब्लैक ग्रुप' का भौकाल दिखाकर युवाओं को गुमराह करने वाले अपराधियों पर झुंझुनूं पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। बगड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी नितेश उर्फ 'ब्लैकिया' जब अपने गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ एक ब्लड डोनेशन कैंप में रौब जमाने पहुंचा तो पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया।

तीन थानों की पुलिस, स्पेशल टीम और क्विक रिस्पांस टीम की इस संयुक्त घेराबंदी से मौके पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से थार, स्कॉर्पियो, कैंपर और बोलेरो जैसी 15 लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही मुख्य आरोपी ब्लैकिया अपने कुछ साथियों के साथ खेतों के रास्ते फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

कैसे हुई पुलिस की छापेमारी?

यह पूरी कार्रवाई झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ थाना क्षेत्र के सोटवारा गांव में हुई। पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी टीम लगातार आपराधिक छवि वाले लोगों के डिजिटल अकाउंट्स पर नजर रख रही थी। इसी दौरान DST प्रभारी हेमराज मीणा को पुख्ता सूचना मिली कि कुछ संदिध और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ बगड़ क्षेत्र से मंडावा होते हुए मुकुंदगढ़ की तरफ बढ़ रहे हैं।

सूचना यह भी थी कि इस काफिले की अगुवाई बगड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर नितेश उर्फ ब्लेकिया कर रहा है, जो हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। नवलगढ़ के डीएसपी सुगन सिंह के मार्गदर्शन में मुकुंदगढ़, मंडावा और नवलगढ़ थाना पुलिस के साथ DST और QRT की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।

जब पुलिस ने पीछा किया और पड़ताल बढ़ाई, तो पता चला कि यह पूरा काफिला सोटवारा गांव में आयोजित एक ब्लड डोनेशन कैंप में शरीक होने पहुंचा है। इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांव पहुंचकर गुप्त तरीके से रक्तदान शिविर स्थल की मजबूत घेराबंदी कर ली और अचानक दबिश दे दी।

15 गाड़ियां जब्त, 10 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस को अचानक अपने सामने देखकर कैंप में अफरा-तफरी मच गई। दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से 'टीम ब्लैकिया ग्रुप' लिखी हुई 15 लग्जरी गाड़ियां (जिसमें थार, स्कॉर्पियो, कैंपर और बोलेरो शामिल हैं) जब्त कर लीं। मौके से पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कोटपूतली के भाबरू, पावटा, खेतड़ी और फतेहपुर थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इन गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। ताकि इनके पूरे नेटवर्क, शरणदाताओं और मकसदों का पता लगाया जा सके।

जन्मदिन के बहाने जुटाया गया था मजमा

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह रक्तदान शिविर सोटवारा निवासी सुखवीर के जन्मदिन के मौके पर आयोजित किया गया था। सुखवीर मंडावा क्षेत्र में एक होटल चलाता है और उसका खुद का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; उसके खिलाफ सीकर के उद्योग नगर थाने में सरकारी काम में बाधा डालने का मामला पहले से दर्ज है। उसी के बुलावे पर यह पूरी भीड़ और गाड़ियों का काफिला वहां इकट्ठा हुआ था।

कौन है 'ब्लैकिया' और क्या है उसका नेटवर्क?

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 26 वर्षीय नितेश उर्फ ब्लैकिया उर्फ कालू, बगड़ थाने के माखर की ढाणी का रहने वाला है। वह इलाके का एक नामी और हार्डकोर अपराधी है, जिसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ब्लेकिया का मुख्य हथियार सोशल मीडिया पर फैलाया जाने वाला 'फेक भौकाल' है।

बता दें कि वह इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर खुद को RJ18 Mafia और Black Group का सरगना बताता है। वह अवैध हथियारों, महंगी लग्जरी गाड़ियों, हुड़दंग और गाड़ियों के लंबे काफिलों के साथ रील्स बनाकर पोस्ट करता है, ताकि क्षेत्रीय युवाओं में उसका खौफ और आकर्षण बना रहे।

कार्रवाई के बाद नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह और मुकुंदगढ़ थानाप्रभारी गोपाल सिंह थालोर ने युवाओं और आम नागरिकों से एक खास अपील जारी की है। युवा वर्ग सोशल मीडिया पर अपराधियों द्वारा रची गई इस झूठी और फर्जी 'गैंगस्टर छवि' के बहकावे में न आएं। यह सिर्फ युवाओं को गुमराह करने और अपराध की दलदल में धकेलने का जरिया है। सामाजिक या निजी आयोजनों में ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को अतिथि के रूप में बुलाने या उन्हें बढ़ावा देने से बचें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

Updated on:
23 Jul 2026 03:39 pm
Published on:
23 Jul 2026 03:38 pm