झुंझुनू

PM Kusum Scheme : राजस्थान में ‘पीएम कुसुम’ मुरझाई, योजना की प्रगति रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

PM Kusum Scheme : सौर ऊर्जा में राजस्थान कैसे नम्बर वन होगा? प्रधानमंत्री कुसुम योजना की प्रगति रिपोर्ट में हुए खुलासे ने विभाग की कार्यप्रणाली का पूरा चिट्ठा खोल दिया। पढ़ें राजस्थान में प्रधानमंत्री कुसुम योजना का हाल।

2 min read
फाइल फोटो पत्रिका

PM Kusum Scheme : राजस्थान एक तरफ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनने का सपना देख रहा है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री कुसुम योजना की 'कछुआ चाल' ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की कुल उपलब्धि महज 12.68 प्रतिशत पर सिमट गई है।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत राजस्थान के अलग-अलग जिलों में 33/11 केवी के पांच किलोमीटर दायरे में 0.5 मेगावाट से दो मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने थे। चौंकाने वाली बात तो यह है कि प्रदेश के 41 जिलों में से कोई भी जिला लक्ष्य हासिल नहीं कर सका।

ये भी पढ़ें

Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, एक व्यक्ति नहीं कर सकता दो नावों की सवारी

संयंत्र स्थापित करने की रफ्तार धीमी

कुसुम योजना के तहत राजस्थान में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में 3257 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक केवल 413 संयंत्र ही स्थापित हो पाए हैं। इस प्रकार लक्ष्य के मुकाबले राज्य की उपलब्धि 12.68 प्रतिशत ही है।

इन जिलों में एक भी संयंत्र नहीं लगा

सबसे चिंताजनक स्थिति उन जिलों की है जहां अभी तक एक भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं हो पाया है। इनमें बांसवाड़ा, ब्यावर, डीग, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद शामिल हैं। इन जिलों में लक्ष्य तो निर्धारित कर दिए गए हैं। लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया है।

क्या है प्रधानमंत्री कुसुम योजना

प्रधानमंत्री कुसुम योजना केंद्र सरकार की एक पहल है। इसके घटक-ए में कृषि भूमि पर प्रदेश के जिलों में 0.5 से 2 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर बिजली उत्पादन कर डिस्कॉम को बेचकर किसान कमाई कर सकें। किसान अतिरिक्त सौर ऊर्जा को सरकारी बिजली वितरण कंपनियों को बेचकर 25 वर्षों तक नियमित आय अर्जित कर सकते हैं।

प्रदेश में बीकानेर जिला नम्बर-1

प्रदेश के जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो बीकानेर जिला 29.89 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में पहले स्थान पर है। यहां 271 संयंत्रों के लक्ष्य के मुकाबले 81 संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। दूसरे स्थान पर अजमेर रहा है, जहां 19 के लक्ष्य के मुकाबले 5 संयंत्र स्थापित हुए हैं और उपलब्धि 26.32 प्रतिशत रही।

वहीं झुंझुनूं जिला 22.79 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर है। झुंझुनूं जिले में 136 संयंत्रों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिनमें से 31 संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इसके बाद फलोदी 22.05 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे और जयपुर 18.78 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

मध्यम स्तर के प्रदर्शन वाले जिलों में डीडवाना-कुचामन, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, बाड़मेर और चूरू शामिल हैं, जहां उपलब्धि 16 से 18 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है। इसके विपरीत कई जिले योजना के क्रियान्वयन में काफी पीछे चल रहे हैं। करौली ने 1.72 प्रतिशत, बूंदी ने 1.92 प्रतिशत और अलवर ने 2.04 प्रतिशत ही लक्ष्य प्राप्त किया।

ये भी पढ़ें

HPR-ID : राजस्थान में सभी चिकित्सा कर्मियों की होगी डिजिटल मैपिंग, एचपीआर आईडी बनेगी, जानें क्या होंगे फायदे

Published on:
10 Mar 2026 07:17 am
Also Read
View All

अगली खबर