
झुंझुनूं. बीडीके अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी रोगियों की कतार। Photo- Patrika
झुंझुनूं. बीडीके अस्पताल प्रशासन भले ही बेहतर इलाज के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। अस्पताल में पिछले करीब एक महीने से सोनोग्राफी जांच बंद पड़ी है। रेडियोलॉजिस्ट के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों का कहना है कि चिकित्सक जांच लिखने के बाद साफ कह देते हैं कि यहां सोनोग्राफी नहीं होगी, बाहर से ही करवानी पड़ेगी। इससे मरीजों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच और इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन यहां भी उन्हें अधूरी सुविधाएं मिल रही हैं। कई गंभीर बीमारियों में सोनोग्राफी जरूरी होती है, लेकिन इसके अभाव में चिकित्सकों को भी इलाज में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीज कुछ ही पैसे लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। जब उन्हें बाहर जांच करवाने के लिए कहा जाता है तो या तो वे वापस गांव लौटते हैं या उधार लेकर जांच करवाते हैं। कई बार उन्हें अगले दिन फिर से आना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
ग्रामीण मरीजों को पहले अस्पताल आना, फिर निजी सेंटर जाना और जांच के बाद दोबारा अस्पताल लौटना पड़ता है। तेज गर्मी में यह परेशानी और बढ़ जाती है। एक मरीज को इलाज के लिए कई बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बीडीके अस्पताल की जनाना विंग में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जा रही है, लेकिन यहां भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। प्रसूति रोग विशेषज्ञ ही यह जिम्मेदारी निभा रही हैं।
मैं रोगी को लेकर बीडीके अस्पताल आया। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने सोनोग्राफी सहित एक अन्य जांच लिखी। चिकित्सक ने कहा कि अस्पताल में सोनोग्राफी नहीं हो रही, बाहर करवानी होगी। बाहर सोनोग्राफी व अन्य जांच करवाई जिसके दो हजार रुपए चुकाने पड़े।
बीडीके अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने सोनोग्राफी करवाने की बात कही। साथ ही कहा कि बीडीके अस्पताल में सोनोग्राफी करने वाले चिकित्सक नहीं है। ऐसे में बाहर से ही सोनोग्राफी करवानी पड़ेगी। इसके बाद बाहर से सोनोग्राफी करवाई है।
प्रक्रिया विचाराधीन है..
गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी पांच प्रसूति रोग विशेषज्ञ द्वारा निरंतर की जा रही है। सोनोलॉजिस्ट के पीजी में चले जाने से पद रिक्त हैं। रेडियोलाॅजी प्रोफेसर के तीन पद रिक्त हैं। मेडिकल कालेज द्वारा यूटीबी पर भर्ती प्रक्रिया विचाराधीन है।
Published on:
28 Apr 2026 03:45 pm
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