झुंझुनू

ऑपरेशन सिंदूर के इकलौते वायुयोद्धा शहीद: सुरेंद्र मोगा की कहानी हर भारतीय को करेगी भावुक

Operation Sindoor : झुंझुनूं जिले के मेहरादासी गांव की हवा में आज भी एक नाम गूंजता है सुरेंद्र मोगा। मां की नम आंखों में, पत्नी की खामोश हिम्मत में और बच्चों की मासूम उम्मीदों में उनका शौर्य जिंदा है।
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May 07, 2026
surendra moga shaheed
फोटो पत्रिका नेटवर्क

मंडावा (झुंझुनूं)। मेहरादासी गांव की हवा में आज भी एक नाम गूंजता है सुरेंद्र मोगा। मां की नम आंखों में, पत्नी की खामोश हिम्मत में और बच्चों की मासूम उम्मीदों में उनका शौर्य जिंदा है। यह कहानी सिर्फ एक शहादत की नहीं, बल्कि उस जज्बे की है, जिसमें दर्द भी है और देश के लिए गर्व भी।

ऑपरेशन सिंदूर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सुरेंद्र मोगा आज हर दिल में देशभक्ति की लौ बनकर जल रहे हैं। पिछले साल 10 मई को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे कर्तव्य पर डटे रहे और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए।

ऑपरेशन सिंदूर में वे भारतीय वायुसेना के इकलौते शहीद वायुयोद्धा रहे। उनकी वीरता को नमन करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर उन्हें मरणोपरांत वायु सेना मेडल (गैलंट्री) से सम्मानित करने की घोषणा की। इससे पहले 12 अगस्त 2025 को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह उनके घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

घर का सहारा खोया, पर हिम्मत कायम

शहीद की पत्नी सीमा देवी आज भी उनकी यादों के सहारे जीवन जी रही हैं। बीए-बीएड शिक्षित सीमा नौकरी की प्रतीक्षा में हैं। दो बच्चों वृतिका (कक्षा 7) और दक्ष (कक्षा 3) की पढ़ाई के लिए वे सीकर में रहकर संघर्ष कर रही हैं, साथ ही गांव में सास नानू देवी की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। तीन बहनों के इकलौते भाई सुरेंद्र ने हमेशा परिवार और देश दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

मेहरादासी में शहीद सुरेंद्र मोगा स्मारक स्थल। 

‘सुरेंद्र हॉल’ से अमर रहेगा नाम

भारतीय वायुसेना ने दिल्ली स्थित एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टैब्लिशमेंट में एक हॉल का नाम ‘सुरेंद्र हॉल’ रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

स्मारक और सम्मान से जिंदा रहेगी गाथा

बीते साल वायुसेना दिवस पर वीरांगना और बच्चों को सम्मानित किया गया। फिलहाल गांव मेहरादासी में शहीद स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है और इसी माह 10 मई को उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

Published on:
07 May 2026 04:41 pm