साउथ एशियन स्टडीज की डिग्री अमरीकी विदेश सेवा में कॅरियर की संभावनाएं देखने वालों के लिए फायदे का सौदा है। यहां की संस्कृति अमरीकी छात्र-छात्राओं को लुभाती है।
वैश्विक पटल पर सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते हुए भारत ने बीते कुछ दशकों में अपनी छवि मजबूत की है। भारत के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने के साथ ही इसके पड़ोसी देशों के बारे में भी जानकारी जुटाना आवश्यक है। क्योंकि पड़ोसी देशों के सहयोग के बिना कोई देश आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बन सकता। यही कारण है कि इन दिनों अमरीका समेत अन्य देशों के विद्यार्थी भी दक्षिण एशिया के बारे में जानने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
अमरीकी छात्र-छात्राएं ब्रैनडाइस और हॉर्वर्ड जैसी विख्यात यूनिवर्सिटियों में अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास और समाजशास्त्र के अध्ययन के इतर अधिक विस्तृत अध्ययन चाहते हैं। इसके लिए वे साउथ एशियन स्टडीज में दाखिला लेते हैं। जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों के बारे विस्तृत शिक्षा देता है।
मैसाच्यूसेट्स की ब्रैनडाइस यूनिवर्सिटी में अंडर ग्रेजुएट और ग्रेजुएट दोनों श्रेणियों के छात्र-छात्राएं यहां दक्षिण एशियाई विषयों में प्रवेश लेते हैं। यहां सबसे लोकप्रिय दक्षिण एशिया आधारित विषय है-हिंदी फिल्म और समाज का गहन अध्ययन। छात्रों ने जितनी भी फिल्में देखीं उनमें भारतीय समाज और संस्कृति के बारे में व्यापक जानकारी मिली।
साउथ एशियन स्टडीज के प्रति अमरीकी विद्यार्थियों के झुकाव का कारण यहां कि गहन सांस्कृतिक विरासत है। यह क्षेत्र वैश्विक समस्याओं की लाइब्रेरी जैसा है। किसी भी वैश्विक समस्या के लिए यहां कोई न कोई हल जरूर मिल जाएगा।साउथ एशियन स्टडीज की डिग्री अमरीकी विदेश सेवा में कॅरियर की संभावनाएं देखने वालों के लिए फायदे का सौदा है। यह दुनिया की बड़ी और सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।