भारत ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए गणतंत्र दिवस पर भी पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई नहीं भेजने का फैसला किया है। केंद्र का संदेश साफ है कि सीमा पार से आतंक जारी रहेगा तो परंपराएं नहीं निभाई जाएंगी।
जोधपुर। भारत ने स्वतंत्रता दिवस और दिवाली के बाद अब गणतंत्र दिवस पर भी पाकिस्तानी रेंजर्स को मिठाई नहीं देने का निर्णय किया है। गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी सीमा पर मिठाई का पारंपरिक आदान-प्रदान नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि मिठाई और आतंक दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते। सरकार ने उलटा बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अवांछनीय गतिविधि को रोका जा सके।
भारत और पाकिस्तान दोनों देश राष्ट्रीय पर्व और प्रमुख धार्मिक त्योहारों पर सीमा पार एक-दूसरे को मिठाई भेजते रहे हैं। भारत की ओर से बीएसएफ और पाकिस्तान की ओर से रेंजर्स यह परंपरा निभाते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने गत वर्ष 22 अप्रेल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद यह परंपरा तोड़ दी है। सरकार और सेना का संदेश स्पष्ट है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद जारी रहेगा, तब तक मिठाई और शुभकामनाओं का यह प्रतीकात्मक आदान-प्रदान नहीं होगा।
गत वर्ष गणतंत्र दिवस पर अंतिम बार पाकिस्तानी रेंजर्स को बीएसएफ की ओर से मिठाई भेजी गई थी। पाकिस्तान की हरकतों के कारण यह परंपरा पिछले कुछ वर्षों से अनियमित हो गई है। वर्ष 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी भारत ने पाकिस्तान को मिठाई नहीं भेजी थी।
इसके बाद जब भारत ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई, तब पाकिस्तान ने विरोध में बीएसएफ की ओर से भेजी गई मिठाई स्वीकार करने से मना कर दिया था। अब गणतंत्र दिवस पर भी मिठाई नहीं भेजने के फैसले से यह संकेत गया है कि भारत ने इस परंपरा को फिलहाल स्थगित कर दिया है और आतंक के खिलाफ अपने सख्त रुख को बरकरार रखा है।
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