
जोधपुर. समाज से बहिष्कृत करने की धमकियों से परेशान सीए दिव्या छात्रा का चार महिनों से घर के बाहर नहीं निकल रही थी। इसी वजह से वह जॉब के लिए पांच मल्टीनेशनल कंपनियों में इंटरव्यू नहीं दे पाई। परिवार की बदनामी से परेशान हो उसने रविवार को पुलिस चौकी में जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसका एमडीएम अस्पताल में उपचार चल रहा है। परिजन ने बताया कि मंगलवार तक तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो दिव्या को इलाज के लिए अहमदाबाद ले जाएंगे। पुलिस सोमवार को छात्रा के भाई के बयान लेने अस्पताल गई व्यस्त होने के कारण बयान नहीं हो पाए।
नांदड़ा कलां में नैणों की ढाणी निवासी दिव्या के छोटे भाई महिपाल पुत्र पूराराम चौधरी ने बताया कि उसके दादा ने दिव्या तीन साल की थी तब उसकी शादी गायत्रीनगर (थोरियों की ढाणी) निवासी बंशीलाल थोरी के पुत्र जीवराज से करने की बात की थी। अब युवक का पिता अपने पुत्र से दिव्या की शादी के लिए दबाव डाल रहा है, लेकिन दिव्या स्पष्ट मना कर चुकी है। लडक़े वालों के लगातार दबाव से परेशान दिव्या ने चार महिनों से घर से निकला बंद कर दिया था। इसी वजह से वह ओएनजीसी, पंजाब नेशनल बैंक समेत पांच कंपनियों में इंटरव्यू नहीं दे पाई थी।
गौरतलब है कि शनिवार को समाज की पंचायत बुलाई गई थी। जहां पंचों ने दिव्या के परिजन पर 16.65 लाख रुपए दण्ड और पूर्व में पंचो के खिलाफ पुलिस में दर्ज मामले की शिकायत वापस लेने की शर्त रखी थी। दण्ड की राशि जमा कराने के बाद छात्रा रविवार को डिगाड़ी पुलिस चौकी में शिकायत वापस लेने गई थी और वहीं जहरीला पदार्थ खा लिया था।
आरोपों की पुष्टि के बाद होगी कार्रवाई
युवती की शिकायत पर 25 अक्टूबर को एफआइआर दर्ज की थी। अगले दिन उसने कहा कि कार्रवाई नहीं करानी। पुलिस बयान लेने घर भी गई थी, लेकिन नहीं हो पाए। चौकी में वह बयान देने आई तब भाई ने ही उसे पानी पिलाया था। मुझे वाट्सएप पर पत्र मिलने के बाद थानाधिकारी को मौके पर भेजा था। बयान लिए हैं। पुष्टि होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नविता खोखर, सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) जोधपुर