जोधपुर

Jodhpur: 5 देशों में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, 4 दिन कोरिया की जेल में रहे पति-पत्नी, पासपोर्ट छीना, बंधक बनाया

यूएस-इंग्लैंड-जापान-कोरिया-दुबई में नौकरी का झांसा, 15 दिन दुबई में बने बंधक, बैंकॉक, मकाऊ, हाॅन्गकाॅन्ग भेजकर वसूले 9 लाख, डिपोर्ट होकर लौटे तो दुबई में 6 लाख और ऐंठे

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Jan 06, 2026
एआई तस्वीर

जोधपुर। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में पीएफ ऑफिस के पास स्थित आदेश्वर नगर में एक दम्पती से यूएस, इंग्लैंड, जापान, उत्तर कोरिया और दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 13.75 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दम्पती को अलग-अलग देशों में भटकाया, जहां इमीग्रेशन जांच में पकड़े जाने पर लाखों रुपए वसूले गए और अंततः दोनों को भारत आना पड़ा।

पुलिस के अनुसार आदेश्वर नगर निवासी पूनम प्रजापत पत्नी संजीव कुम्हार ने कोर्ट में पेश इस्तगासे के आधार पर डीडवाना में चुंगी चौकी के पास निवासी ईशा अग्रवाल और उसके पति बाबूलाल पंवार के खिलाफ 13.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। परिवादी के अनुसार अप्रेल 2025 में उनकी मुलाकात आरोपियों से हुई थी।

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लगातार झांसा देते रहे

पीड़ित दम्पती विदेश में नौकरी करना चाहते थे। इस पर आरोपियों ने 21 लाख रुपए में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया। खुद को कई लोगों को विदेश में काम दिलाने वाला बताकर विश्वास में लिया और 50 हजार रुपए अग्रिम ले लिए। पासपोर्ट, फोटो सहित अन्य दस्तावेज भी ले लिए गए।

पहले यूएस भेजने की बात कही गई, लेकिन बाद में ट्रम्प सरकार के कारण अनिश्चितता बताकर इंग्लैंड का झांसा दिया गया। इसके बाद जापान भेजने की बात कहकर एक लाख रुपए और ले लिए गए। एक महीने तक कोई संपर्क नहीं करने के बाद आरोपियों ने जापान की जगह उत्तर कोरिया भेजने का प्रस्ताव दिया और वहां नौकरी व रहने-खाने की सुविधा का भरोसा दिलाया।

इस तरह विदेश में फंसते चले गए दम्पती

  • 26 मई को आरोपियों ने दम्पती को दिल्ली बुलाकर दो दिन रखा और कोरिया भेजने के नाम पर 4 हजार यूएस डॉलर एक्सचेंज करवाए। एक लाख रुपए ऑनलाइन भी लिए।
  • 28 मई को दिल्ली एयरपोर्ट से बैंकाक के टिकट दिए गए और बैंकाक से मकाऊ होकर कोरिया भेजने का झांसा दिया।
  • बैंकाक पहुंचने पर इमीग्रेशन में रोक लिया गया। आरोपियों ने फोन पर तीन लाख रुपए मांगे, जो ट्रांसफर करने पर छोड़ा गया।
  • 1 जून को मकाऊ भेजा गया, जहां फिर इमीग्रेशन में रोके जाने पर तीन लाख रुपए लेकर छोड़ा गया। इसके बाद शिप से हांगकांग भेजा गया।
  • हांगकांग से कोरिया पहुंचने पर जेजू एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर चार दिन जेल में रखा गया। अधिवक्ता के नाम पर 25 हजार रुपए और लिए गए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

भारत लौटने के बाद आरोपियों ने दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। वहां दो लाख और बाद में छह लाख रुपए लिए गए। दुबई में 15 दिन तक दम्पती को बंधक बनाकर रखा गया, पासपोर्ट छीन लिया गया। मौका पाकर दोनों भागकर भारत लौट आए। रुपए मांगने पर आरोपियों ने उलटे दस लाख रुपए की मांग कर धमकाया।

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