
जोधपुर/बिलाड़ा. सरपंच चुनाव के दौरान मतपत्र चोरी और इसके बाद हुए बवाल ने भावी गांव के सामाजिक माहौल को झकझोर दिया है। घटना के बाद गांव में चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों को इस बात का मलाल है कि जिस गांव में 36 कौम के लोग हमेशा आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते आए हैं, वहां चुनाव के दौरान पहली बार इस तरह का तनावपूर्ण माहौल बना। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटनाक्रम ने गांव की छवि को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी तरफ, ऐहतियात के तौर पर पुलिस गश्त कर रही है। पुलिस का जाब्ता बड़ी संख्या में बिलाड़ा में तैनात है।
ग्रामीण मांगीलाल का कहना है कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव के दौरान ऐसा माहौल देखने को मिला है। लोकसभा हो या विधानसभा, ग्रामीण हमेशा शांतिपूर्ण मतदान को प्राथमिकता देते आए हैं। इस बार हुई घटना से गांव का नाम बदनाम हुआ है। वहीं महेन्द्रकुमार का कहना है कि गांव में सभी वर्गों के लोग अपणायत से रहते हैं। चुनाव में हर व्यक्ति अपनी पसंद से मतदान करता है और किसी पर दबाव नहीं रहता। इस घटनाक्रम से ग्रामीण आहत हैं।
भावी गांव में सरपंच पद के चुनाव दो बार स्थगित हो चुके हैं। अब नए सिरे से मतदान की तारीख घोषित की जाएगी। गांव में आठ हजार से अधिक मतदाता हैं और सरपंच पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव से पहले गांव की चौपालों और दुकानों पर प्रत्याशियों की हार-जीत को लेकर चर्चा होती थी, लेकिन अब मतपत्र चोरी, विरोध प्रदर्शन, थाने के घेराव और पथराव की घटना ही चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर गांव में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है।
वृताधिकारी मनीष देव ने बताया कि थाना परिसर में हुए घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई गई है। उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
थाना परिसर और सड़क पर खड़े दुपहिया वाहनों के नंबर भी नोट किए गए हैं। उनकी जांच की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। मतदान होने तक पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा।
मतपत्र चोरी के मामले में पुलिस ने मतदान अधिकारी एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विनायकपुरा के व्याख्याता जगदीश सारण तथा सहायक मतदान अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक सहीराम को गिरफ्तार किया था। दोनों को ओसियां न्यायालय में पेश करने पर पुलिस रिमांड पर सौंपा गया।
मंगलवार को उन्हें फिर न्यायालय में पेश किया गया। वहीं शनिवार रात हुए घटनाक्रम के संबंध में पुलिस ने सुनील चौधरी, नेमाराम और पुसाराम को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। सोमवार को न्यायालय में पेश करने पर तीनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। उन्हें गुरुवार को फिर पेश किया जाएगा।