जोधपुर

JDA Housing Scheme: घर का सपना होगा पूरा, चार नई आवासीय योजनाएं लाएगा जोधपुर जेडीए, बनेंगे दो नए अंडरपास

Jodhpur Housing Scheme: जोधपुर विकास प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1789 करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। बजट में 1521.91 करोड़ रुपए विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे, जिनमें आवासीय योजनाएं, अंडरपास, स्मार्ट ट्रैफिक और सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं।

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Feb 23, 2026
जोधपुर विकास प्राधिकरण। फाइल फोटो- पत्रिका

Jodhpur JDA Budget: जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1789 करोड़ रुपए का बजट सोमवार को पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त एवं जेडीए अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा सिंह ने की। बैठक में जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी, सचिव चंचल वर्मा, एडीएम सिटी-प्रथम अंजूम ताहिर सम्मा, निदेशक, उपायुक्त सहित डिस्कॉम, राजस्थान आवासन मंडल, पीएचईडी और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

वित्त निदेशक मंजीत चारण की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए 1789 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया। आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि शहर के चहुंमुखी विकास एवं आय के स्रोत बढ़ाने के उद्देश्य से चार नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।

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बजट से आवास, अंडरपास, स्मार्ट ट्रैफिक और पर्यटन मार्गों का होगा कायाकल्प

जोधपुर शहर के विस्तार क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास को गति देने के लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने वर्ष 2026-27 के बजट में 1521.91 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का प्रावधान किया है। बजट में नई आवासीय योजनाओं, अंडरपास निर्माण, पर्यटन मार्गों के सौंदर्यकरण, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और सीवरेज परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। इन योजनाओं से न केवल शहर का भौतिक विस्तार व्यवस्थित होगा, बल्कि यातायात व्यवस्था सुगम बनेगी, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

नई आवासीय योजनाओं से मिलेगा व्यवस्थित विस्तार

शहर की बढ़ती आबादी और आवासीय जरूरतों को देखते हुए जेडीए ने कई नई योजनाओं की घोषणा की है

  • ग्राम चौखा में सरदार पटेल आवासीय विस्तार योजना एवं एक अन्य नवीन आवासीय योजना
  • बासनी लाच्छा में नई आवासीय योजना
  • मोगड़ा कलां में ट्रांसपोर्ट नगर एवं ऑटोमोबाइल विस्तार योजना

इन योजनाओं से शहर के बाहरी क्षेत्रों में नियोजित कॉलोनियों का विकास होगा, अवैध बस्तियों पर अंकुश लगेगा और आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे। विशेष रूप से मोगड़ा कलां में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित होने से भारी वाहनों की आवाजाही शहर से बाहर शिफ्ट होगी, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा।

50 करोड़ से अंडरपास व पर्यटन मार्गों का विकास

यातायात सुधार और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं—

  • भाटी चौराहा, जलजोग चौराहा सहित अन्य स्थानों पर 5 करोड़ से अंडरपास निर्माण
  • मेहरानगढ़ फोर्ट के लिए राव जोधा मार्ग (घोड़ा घाटी रोड) का विकास, सौंदर्यकरण व लाइटिंग – 10 करोड़
  • लूणी पंचायत समिति से राजाराम शिक्षण संस्थान तक फुटओवर ब्रिज – 5 करोड़
  • पंचकुंडा क्षेत्र सौंदर्यकरण – 5 करोड़
  • श्री गणेश मंदिर, रातानाडा विकास – 6 करोड़
  • सालावास से कांकाणी तक सड़क निर्माण – 5 करोड़

इन परियोजनाओं से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, दुर्घटनाओं में गिरावट होगी और पर्यटकों को बेहतर व सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। विशेष रूप से मेहरानगढ़ फोर्ट जाने वाला मार्ग आकर्षक लाइटिंग और सौंदर्यकरण से पर्यटन की दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बनेगा।

स्मार्ट ट्रैफिक और डिजिटल जोधपुर की ओर कदम

शहर को स्मार्ट सिटी अवधारणा की दिशा में आगे बढ़ाते हुए कई तकनीकी प्रावधान किए गए हैं

  • मुख्य सड़कों पर स्मार्ट स्पीड डिटेक्शन सिस्टम – 1.75 करोड़
  • प्रमुख स्थानों पर डिजिटल आउटडोर एलईडी डिस्प्ले पैनल (बीओटी) – 4 करोड़
  • आउटर रिंग रोड डीपीआर – 2 करोड़
  • कायलाना से सिद्धनाथ सड़क सुदृढ़ीकरण – 3 करोड़
  • अनकवर्ड क्षेत्रों में ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स – 1 करोड़

इन व्यवस्थाओं से यातायात नियमों की प्रभावी निगरानी, दुर्घटनाओं में कमी और नागरिकों को त्वरित सूचना उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सीवरेज और पुनः उपयोग योजनाओं पर 30 करोड़

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए

  • सीवरेज लाइन एवं एसटीपी कार्य – 20 करोड़
  • विवेक विहार एसटीपी पुनः उपयोग योजना – 10 करोड़

इन परियोजनाओं से शहर में स्वच्छ जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और शोधित जल का पुनः उपयोग संभव हो सकेगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

आमजन को क्या होगा लाभ?

  • सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां और बेहतर मूलभूत सुविधाएं
  • ट्रैफिक जाम से राहत और सुरक्षित यात्रा
  • पर्यटन स्थलों तक सुगम व आकर्षक मार्ग
  • डिजिटल सूचना और स्मार्ट निगरानी व्यवस्था
  • स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती

आय के प्रमुख स्रोत (2026-27)

भूमि विक्रय से आय : 707 करोड़
आवासीय योजनाओं से प्राप्तियां : 48 करोड़
भूमि रूपांतरण शुल्क : 87 करोड़
नगरीय कर एवं शहरी जमाबंदी : 379 करोड़
निक्षेप एवं धरोहर : 149 करोड़
ऋण, शुल्क, शास्ति, ब्याज, किराया, डिपोजिट कार्य, वेतन कटौती एवं अग्रिम वसूली : 416 करोड़
कुल अनुमानित प्राप्तियां : 1789 करोड़।

व्यय के प्रमुख प्रावधान

सामान्य प्रशासनिक व्यय : 91 करोड़
विकास कार्य (सड़क, नाला-नाली, जलापूर्ति, सीवरेज) : 1521 करोड़
राज्य सरकार का अंशदान (40 प्रतिशत भू-नियमन व 20 प्रतिशत विक्रय) : 75 करोड़
अन्य : 100 करोड़
कुल अनुमानित व्यय : 1789 करोड़

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