
Jodhpur JNVU Mass Cheating: जोधपुर: जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) की सत्रांत परीक्षाओं के दौरान शुक्रवार को उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई इस औचक जांच में जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र पर एक महिला प्रशिक्षिका को पूरी कक्षा को सामूहिक रूप से नकल करवाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
बता दें कि इस गंभीर लापरवाही और मिलीभगत को 'सामूहिक नकल' का मामला मानते हुए तुरंत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा, अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक और पारंपरिक तरीकों से नकल कर रहे 11 अन्य विद्यार्थियों को भी पकड़ा गया है।
यह पूरी कार्रवाई विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देशों के तहत अमल में लाई गई है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा नियंत्रक प्रो. ज्ञान सिंह शेखावत ने संभाग के महाविद्यालयों की कड़ाई से निगरानी करने हेतु चार विशेष उड़नदस्तों का गठन किया है। प्रत्येक दल में चार वरिष्ठ प्रोफेसर शामिल हैं, जिन्हें परीक्षा की तीनों पारियों में अधिक से अधिक केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार को फ्लाइंग स्क्वॉड-2, जिसमें प्रो. अमन सिंह, प्रो. सुरेश चौधरी, प्रो. गौरव जैन और प्रो. ललित झाला शामिल थे, ने जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में स्थित आठ महाविद्यालयों का अचानक दौरा किया। सघन जांच के दौरान टीम ने कुल 11 विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा। पकड़े गए छात्र परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और कागज की पर्चियों के जरिए उत्तर लिख रहे थे। इन सभी के खिलाफ नियमानुसार केस दर्ज किए गए हैं।
जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला तब सामने आया, जब एक कॉलेज में खुद प्रशिक्षिका ही छात्रों की मदद कर रही थी। वह ब्लैकबोर्ड या बोलकर पूरी कक्षा को उत्तर लिखवा रही थी। उड़नदस्ते ने बिना वक्त गंवाए मौके पर ही कार्रवाई की और प्रशिक्षिका व केंद्र के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की।
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं और नकल करने वाले छात्रों में हड़कंप मच गया है। जेएनवीयू प्रबंधन का कहना है कि आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।