जोधपुर

Jodhpur News: 8वीं का फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर 5वीं पास बना डाकिया, उम्र 10 साल कम दिखाई

राजस्थान के जोधपुर जिले में ग्रामीण डाक सेवक ने आठवीं उत्तीर्ण का फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर पिता की जगह अनुकपा नौकरी हासिल कर ली। जानिए पूरा मामला-
2 min read
Sep 29, 2025
Feature image

जोधपुर। ओसियां तहसील के चेराई सर्कल में ग्रामीण डाक सेवक ने खुद की उम्र दस साल कम दिखाकर आठवीं उत्तीर्ण का फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर पिता की जगह अनुकपा नौकरी हासिल कर ली। उसने डाबड़ी गांव की जिस राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का आठवीं पास प्रमाण पत्र पेश किया, वह उस समय क्रमोन्नत ही नहीं हुआ था। सीबीआइ ने ग्राम डाक सेवक के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज से नौकरी हासिल करने की एफआइआर दर्ज की है।

सूत्रों के अनुसार बनाड़ रोड पर लक्ष्मण नगर ए निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट पर सीबीआइ ने चेराई सर्कल के बेरड़ों का बास में पदस्थापित ग्राम डाक सेवक डाबड़ी निवासी किशनसिंह पुत्र नरपतसिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।

आरोप है कि डाबड़ी निवासी किशनसिंह भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक है और चेराई सर्कल के बेरड़ों का बास गांव में पदस्थापित है। पिता नरपतसिंह डाकिया थे। वर्ष 1996 में पिता का निधन होने के बाद अनुकपा पर डाबड़ी गांव में बतौर डाकिया नौकरी पर लगा था।

बाद में उसका तबादला चेराई डाकघर में कर दिया गया था। वर्ष 1960 में जन्मतिथि वाले किशनसिंह ने डाबड़ी गांव की राजकीय प्राथमिक विद्यालय से 5वीं उत्तीर्ण की थी। इस विद्यालय को वर्ष 1984 में उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया था। वर्ष 1986 में पहला आठवीं उत्तीर्ण बैच पास आउट हुआ था।

नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा

उधर, किशनसिंह 5वीं पास के बाद गांव में वर्ष 1986 में वार्ड पंच बना था। वर्ष 1996 में पिता के निधन हुआ, तब किशनसिंह 36 साल का था। पिता की जगह डाकिए की नौकरी के लिए डाक विभाग में 8वीं उत्तीर्ण योग्यता थी। ऐसे में उसने गांव की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का आठवीं पास प्रमाण पत्र पेश कर डाबड़ी में डाकिए की नौकरी पर लगा था।

आरोप है कि किशनसिंह ने आठवीं कक्षा पास ही नहीं की थी। नौकरी के लिए उसने न सिर्फ फर्जी व कूटरचित आठवीं उत्तीर्ण प्रमाण पत्र बनवाया बल्कि उसमें अपनी उम्र भी दस साल कम दिखा दी थी। ताकि वह अधिक साल तक नौकरी कर सके।

शिकायत में दावा

आरोप है कि किशनसिंह की शादी वर्ष 1980 में हुई थी। वर्ष 1982 में उसके पहला बच्चा हुआ था। यह बेटा भी ओसियां के डाक विभाग में कार्यरत है। शिकायकर्ता ने दावा किया है कि आरोपी ग्राम डाक सेवक की वर्तमान उम्र 65 साल है। बेटे व पिता की जन्मतिथि का मिलान करने से स्पष्ट हो जाएगा कि बेटे के जन्म के समय पिता की आयु क्या थी।

Updated on:
29 Sept 2025 01:34 pm
Published on:
29 Sept 2025 01:34 pm