विकास प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की बैठक में कई बड़े फैसले हुए। यमुना एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर डांगियावास से केरू तक बनने वाली 300 फीट चौड़ी आउटर रिंग रोड का जल्द सर्वे किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर भी जल्द बनेगी।
जोधपुर। जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की कार्यकारी समिति ने शुक्रवार को मास्टर डेवलपमेंट प्लान-2031 में प्रस्तावित 300 फीट चौड़ी बाहरी रिंग रोड सर्वे और डीपीआर पर मुहर लगा दी। इस रिंग रोड को यमुना एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर विकसित किया जाना है। समिति ने इस सड़क के लिए सर्वे, डिमार्केशन एवं मुटाम के कार्य के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किये जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
300 फीट चौड़ी रिंग रोड के लिए जेडीए कंसलटेंट के माध्यम से डीपीआर तैयार करवाएगा। जोधपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने, रिफाइनरी व औद्योगिक क्षेत्रों की पेराफेरी बनाने के लिए शहर को एक और रिंग रोड की सौगात देने के लिए जेडीए ने इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया है। आउटर रिंग रोड वर्तमान रिंग रोड की सीमा से करीब 10 से 15 किलोमीटर आगे की ओर होगी।
एनएचएआइ की ओर से शहर के चारों तरफ रिंग रोड तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनवरी में जोधपुर दौरे के दौरान आउटर रिंग रोड का सर्वे करने के लिए जेडीए आयुक्त को कहा था। रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई जोधपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2009 की धाराओं के तहत आपसी सहमति से की जाएगी। प्रभावित किसानों को मुआवजे के रूप में विकसित भूमि (पट्टा शुदा) आवंटित की जाएगी।
जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि रिफाइनरी शुरू होने के बाद बालोतरा को जोधपुर व रोहट-कांकाणी औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने की मंशा भी इसके पीछे है। लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट के साथ ही प्रमुख औद्योगिक हब को जोड़ने के लिए यह रिंग रोड महत्वपूर्ण होगी।
बैठक में राज्य सरकार की बजट घोषणा 25-26 के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में नॉन पेचेबल सड़कों के लिए 10-10 करोड़ का प्रावधान रखा गया था। उसके आधार पर पीडब्ल्यूडी के सूरसागर विधानसभा क्षेत्र में 15 सीसी रोड और शहर विधानसभा क्षेत्र में 14 सीसी सड़क के निर्माण की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। इस कार्य की कार्यकारी एजेंसी जेडीए को बनाया गया है।
बैठक में जोधपुर-जयपुर मुख्य सड़क पर सारण नगर आरओबी से महादेव नगर तक आरटीओ नाला के पास क्षतिग्रस्त हुई सड़क को करीब 10 करोड़ रुपए में तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही कुल 19 प्रकरणों पर मुहर लगाई गई है।
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर एवं अधीनस्थ न्यायालयों में प्राधिकरण के प्रकरणों की समयबद्धता के साथ प्रभावी पैरवी करने के लिए विभिन्न पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा शौर्य चक्र धारक को निशुल्क भूमि आवंटन किया जाएगा।