जोधपुर के चौहाबो सेक्टर-11 में पुलिस ने एमडी ड्रग्स और डोडा पोस्त के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में लाखों रुपए नकद, सोने की सिल्ली और आभूषण बरामद होने से ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
जोधपुर। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थानांतर्गत सेक्टर-11 स्थित एक मकान से 97 ग्राम एमडी ड्रग्स और 995 ग्राम डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार युवक ने कुछ समय पहले ही एक करोड़ रुपए कीमत की 631 ग्राम सोने की सिल्ली खरीदी थी। ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई मानते हुए इस सोने के साथ ही सूटकेसों में भरे मिले 13 लाख रुपए जब्त किए गए।
इसके अलावा लाखों रुपए के सोने व चांदी के आभूषण भी बरामद हुए हैं। आरोपी लंबे समय से अपने मकान से ही एमडी ड्रग्स व अन्य मादक पदार्थ बेच रहा था। पुलिस उपायुक्त पश्चिम विनीत कुमार बंसल ने बताया कि चौहाबो सेक्टर-11 निवासी राकेश के मकान से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बेचे जाने की सूचना थी। डीएसटी और चौहाबो थाना पुलिस ने बुधवार रात मकान की घेराबंदी कर छापा मारा। आरोपी राकेश ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में मकान से 97 ग्राम एमडी ड्रग्स और 995 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ।
अलमारियों में रखे सूटकेसों में 13 लाख रुपए नकद तथा लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण मिले। इसके अलावा 631 ग्राम शुद्ध सोने की एक सिल्ली और पावर बाइक भी बरामद की गई। चौहाबो थानाधिकारी ईश्वरचंद पारीक ने एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज कर 97 ग्राम एमडी ड्रग्स, 995 ग्राम डोडा पोस्त, 631 ग्राम शुद्ध सोना, 13 लाख रुपए और पावर बाइक जब्त की।
अन्य सोने-चांदी के आभूषणों को संदिग्ध मानते हुए जब्त किया गया है। जांच में सामने आया कि वह प्रतापगढ़ के एक युवक के माध्यम से एमडी ड्रग्स जोधपुर मंगाता था। उसे भी नामजद किया गया है। आरोपी राकेश को गुरुवार को कोर्ट में पेश करने पर सात दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
थानाधिकारी ईश्वरचंद पारीक के अनुसार 631 ग्राम शुद्ध सोने की सिल्ली कुछ दिन पहले 99 लाख 99 हजार रुपए में खरीदी गई थी। इस संबंध में सोना खरीद का बिल भी मिला है। इसे ड्रग्स बेचने से अर्जित धन से खरीदा जाना माना गया है।
पुलिस ने दबिश देकर राकेश को पकड़ लिया, लेकिन उसकी मां वहां मौजूद अन्य महिलाओं की आड़ लेकर फरार हो गईं। उनकी और अन्य महिलाओं की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस ने रात में मकान की सघन तलाशी ली। एहतियात के तौर पर देवनगर, शास्त्रीनगर और अन्य थानों की पुलिस भी बुलाई गई थी। मकान को चारों तरफ से घेर लिया गया था। कार्रवाई से अनजान बड़ी संख्या में नशेड़ी पूर्व की भांति ड्रग्स खरीदने पहुंचते रहे, लेकिन पुलिस को देखकर लौट गए।
राकेश लंबे समय से अपने मकान से ड्रग्स बेच रहा था। पुलिस को इसकी जानकारी भी थी। कई बार दबिश दी गई, लेकिन ड्रग्स बरामद नहीं हुई। संभवत: राकेश को पहले ही कार्रवाई की भनक लग जाती थी और वह ड्रग्स फेंक देता या फ्लश में नष्ट कर देता था।