Rajasthan News: अब आम की अंतिम किस्म चौसा बाजार में, एक पखवाड़े में खत्म हो जाएगा सीजन
Rajasthan News: फलों के राजा आम की अब अंतिम किस्म चौसा बाजार में बिक रही है। अगले एक पखवाड़े के बाद आम मिलना बंद हो जाएगा। छह महीने तक आम बाजार में उपलब्ध रहता है। इस साल सीजन में जोधपुर के लोगों ने प्रतिदिन 1.50 लाख से लेकर 1.80 लाख किलो आम की खपत की है। हालांकि मांग इससे भी अधिक रही है। सीजन में जोधपुर में आम के 20 ट्रक आ रहे थे जो अब अब घटकर 2-3 रह गए हैं।
हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा आम का उत्पादक देश है। देश में लगभग 1.09 करोड़ टन आम का उत्पादन होता है। दुनिया भर के कुल आम उत्पादन में लगभग 57.18% का योगदान भारत का है। भारत आम का सबसे बड़ा निर्यातक है। करीब 25 मिलियन मेट्रिक टन आम का निर्यात होता है। दूसरे नम्बर पर निर्यातक चीन, फिर इण्डोनेशिया और चौथे नम्बर पर पाकिस्तान है। आम दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी एशिया की फसल है। भारत का अल्फांसो और केसर अपनी खुशबू के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
देश में आम की लगभग 1500 किस्में उगाई जाती है। जोधपुर में करीब 10 किस्म के आम उपलब्ध हो पाते हैं। आम की शुरुआत बादाम किस्म से होती है। यहां सर्वाधिक बादाम, हापूस, केसर, दशहरी, अल्फांसो, लंगड़ा, तोतापुरी, चौसा बाजार में मिलते हैं। जोधपुर में सबसे अधिक आम की आपूर्ति उत्तरप्रदेश से होती है। बादाम आम सर्वाधिक बिकता है।
आम का सीजन मार्च से लेकर शुरू होकर अगस्त तक चलता है। सीजन में जोधपुर में हर रोज 15 से 20 ट्रक की खपत हो जाती है। यहां आम के जितने ट्रक आते हैं, कम पड़ते हैं। शहर में आम की बढ़ी हुई मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती है। शहर में लगभग हर वैरायटी के आम की मांग है। उत्तर प्रदेश से यहां सर्वाधिक आम आते हैं। आम को लेकर हम पूरी तरह अन्य राज्यों पर निर्भर हैं।