जोधपुर

Blackout: अलर्ट मोड पर फलोदी, बजेगा सायरन, फिर होगा ब्लैकआउट, कलक्टर की जनता से बड़ी अपील

Blackout in Phalodi: फलोदी में शुक्रवार को बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा।

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Apr 23, 2026
ब्लैकआउट की फाइल फोटो- पत्रिका

फलोदी। जिले में नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का वास्तविक परीक्षण किया जाएगा। जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह ने वायु सेना एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि यह मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गंभीर पूर्वाभ्यास है, जिससे आपदा की स्थिति में प्रशासन, पुलिस, वायु सेना और अन्य एजेंसियों के समन्वय और तत्परता का आकलन किया जाएगा। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ इस अभ्यास को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अजय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजराज सिंह चारण, वायु सेना के स्टेशन कमांडर संतोष यादव, उपखंड अधिकारी पूजा चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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सायरन पर घबराएं नहीं, सतर्क रहें

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजने पर घबराने की बजाय सतर्क रहें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह अभ्यास नागरिकों को आपदा के समय सही प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

ब्लैकआउट में करें सहयोग

ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट की स्थिति भी बनाई जाएगी। इस दौरान घरों, संस्थानों और सड़कों की लाइटें बंद रखनी होंगी। साथ ही वाहनों की हेडलाइट भी बंद रखकर नागरिक इस अभ्यास में सहयोग करें, ताकि वास्तविक परिस्थितियों का बेहतर अभ्यास हो सके।

भीड़ से बचें, नियमों का पालन करें

प्रशासन ने मॉक ड्रिल के दौरान अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ नागरिकों में अनुशासन और जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

सक्रिय भागीदारी की अपील

जिला कलक्टर ने शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन एक सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिक से अधिक सहभागिता से बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जा सकेगी और आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इससे पहले रावतभाटा में हवाई हमले पर मॉकड्रिल की गई और रात 8 बजे ब्लैकआउट किया गया था। वहीं सलूम्बर में 20 अप्रेल को 10 मिनट का ब्लैकआउट कर हवाई हमले की मॉक ड्रिल की गई थी।

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