
धुंधाड़ा/जोधपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जुलाई को जयपुर में संवाद कार्यक्रम में राज्य व केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करेंगे। इसके लिए जहां भाजपा कार्यकर्ताओं व राज्य सरकार में कार्यक्रम को लेकर उत्साह नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस कार्यक्रम ने सरकारी अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राजस्व व पंचायतराज विभाग के अधिकारियों,कर्मचारियों को कई तरह की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके तहत अधिकारी,कर्मचारी गांव-गांव जाकर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जयपुर में होने वाले कार्यक्रम में चलने की गुहार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लाभार्थियों के रहने, खाने, पीने से लगाकर आने-जाने तक की तमाम व्यवस्थाएं भी ऐसे ही अधिकारियों के कंधों पर थोप दी गई है। ऐसे में अधिकारी यह सोचकर गुमराह हो रहे हैं कि वो सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दें या उनके आने-जाने से लगाकर रहने-खाने तक की व्यवस्थाएं करें। कुछ अधिकारियों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि इस तरह का कार्यक्रम पहली बार देखने को मिल रहा है।
विकास कार्य हो गए ठप
वहीं सरकार के इन निर्देशों के बाद उच्च अधिकारियों व सरकार के कोप का भाजन बनने से बचने की मजबूरी में लगभग सप्ताह भर से ऐसे अधिकारी व संबंधित कर्मचारी लाभार्थियों को ले जाने के लिए व्यवस्थाएं करने में जुटे हैं। इसके लिए निर्धारित ड्यूटी समय से भी क ई घंटों तक अधिकारी लाभार्थियों को रिझाकर कार्यक्रम में चलने का न्यौता दे रहे हैं। वहीं कार्यक्रम के चलते अधिकारी व कर्मचारी भी ऑफिस में समय नहीं दे पा रहे हैं, जिससे दफ्तर में आने वाले फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
सिर्फ मौखिक आदेश
अधिकारियों के भरोसे नियमों के विपरित लाभार्थियों को लाने-लेजाने की जिम्मेदारियां डाली गई हैं, वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकारियों को लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक बसों व अन्य परिवहन के साधनों के संबंध में लाने के कोई भी लिखित आदेश नहीं दिए गए हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनहोनी होने की स्थिति में कौन जिम्मेदार होगा, यह कोई नहीं जानता।
सरकारी बसों में जाएंगे भाजपा कार्यकर्ता
वहीं कार्यक्रम में लाभार्थियों को जयपुर ले जाने के लिए जिन सरकारी बसों की व्यवस्था की गई है, उसमें भाजपा कार्यकर्ताओं को भी बैठाने की व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों ने सरकारी अधिकारियों को मौखिक निर्देश दिए हैं। प्रत्येक बस में दो-दो भाजपा कार्यकर्ता लाभार्थियों के साथ शामिल रहेंगे। कार्यक्रम के लिए लूणी विधानसभा क्षेत्र से लगभग 25 बसों की व्यवस्था की गई है। जिसमें करीब 800 लाभार्थियों सहित भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल रहेंगे।