
जोधपुर। जोधपुर की सरदारपुरा विधानसभा सीट राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सबसे मजबूत गढ़ है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर अशोक गहलोत इस सीट से ही चुनावी मैदान में उतरेंगे। दरअसल कांग्रेस की ओर से शनिवार को जारी लिस्ट में अशोक गहलोत को सरदारपुरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं दूसरी तरफ आज भाजपा ने भी अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी। हालांकि इस सूची में सरदारपुरा विधानसभा सीट का नाम नहीं था। ऐसे में भाजपा के सामने गहलोत को उनके गढ़ में हराना सबसे बड़ी चुनौती है। वहीं चर्चाओं का बाजार गर्म है कि भाजपा इस सीट से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को चुनावी मैदान में उतार सकती है।
आपको बता दें कि साल 1998 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद 1999 में तत्कालीन विधायक मानसिंह देवड़ा ने सरदारपुरा विधानसभा सीट सीट अशोक गहलोत के लिए खाली की थी। इसके बाद से गहलोत यहां से लगातार जीत रहे हैं। इस चुनाव में गहलोत ने भाजपा के मेघराज लोहिया को बुरी तरह हराया। गहलोत को जहां 69856 तो वहीं मेघराज लोहिया को महज 20576 वोट ही मिले।
2003 में कांग्रेस से गहलोत दूसरी बार मैदान में उतरे तो भाजपा ने प्रत्याशी बदल दिया और महेन्द्र कुमार झाबक पर दांव खेला, लेकिन भाजपा का यह दांव फेल साबित हुआ और गहलोत दूसरी बार 18991 मतों से जीत गए। बता दें कि सरदारपुरा विधानसभा माली बाहुल्य सीट मानी जाती है। 2008 में पूर्व मंत्री राजेन्द्र गहलोत को भाजपा का प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे भी अशोक गहलोत के सामने टिक नहीं पाए और 15340 मतों से पराजित हो गए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साल 2018, 2013, 2008, 2003 और 1999 के विधानसभा चुनावों में इस सरदारपुरा सीट से लगातार जीतते आ रहे हैं।