न पंजीयन किया, न लहसुन तैयार करने का समय दिया
जोधपुर . केंद्र सरकार की ओर से 13 अप्रेल से राज्य सरकार को खरीद की अनुमति मिलने के 24 दिन बाद अर्थात 7 मई को राजफैड के माध्यम से किसानों से लहसुन खरीदने का फ रमान आया है। इस सरकारी आदेश की कार्यवाही होने से पूर्व ही फ रमान की अवधि पूरी हो जाएगी। अगर 10 से 12 मई तक खरीद होती है, तो तीनों दिन सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खरीद प्रक्रिया होगी। 8 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से तीन दिनों तक कुल मिलाकर 24 घंटे खरीद होगी। इसके अलावा खरीद शुरू करने के आदेश के साथ ही खरीद बंद करने का 12 मई का आदेश भी 7 मई के आदेश में साथ मे ही है। इससे किसानों के साथ लहसुन खरीद के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है।
किसानों के लिए न उगलते, न निगलते बन रहा
राजफैड ने 7 मई को किसानों से बिना पंजीयन शुरू किए ही जोधपुर में लहसुन खरीद शुरू करने के आदेश कर दिए। आदेश में स्पष्ट रूप से 12 मई तक ही खरीद करने के आदेश है। ऐसे में किसान अगर खेत में अस्थाई रूप से भंडारण किए लहसुन की पत्तियों को अलग कर खरीद केंद्र पर बिक्री के लिए तैयार करता है, तो उसे कम से कम 60 मजदूर एक दिन में चाहिए। ऐसे में किसान को एक हैक्टेयर की लहसुन बिक्री योग्य बनाने में 4 दिन लग सकते है। अगर इससे पहले खरीद बंद होती है तो किसान उस पत्तियों से अलग किए लहसुन को 1.2 रुपए किलो भी बाजार में बेचने को मजबूर होगा क्योंकि पत्तियों से अलग करने के बाद लहसुन को किसी भी प्रकार से भंडारण करना सम्भव नही होता है। इस कारण खरीद शुरू करने के आदेश किसानों के लिए न उगलते बन रहै है न निगलते।
इनका कहना है
फसल के भाव लागत मूल्य से नीचे होने पर सरकार से मदद की उम्मीद होती है। लेकिन खरीद का तय समय पूरा होने से दो दिन पहले खरीद की औपचारिकता के बाद किसानों के प्रति संवेदनशीलता का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। अब सरकार से खरीद समयावधि बढ़ाने की मांग करना भी बेमानी लगता है।
तुलछाराम सिंवर, प्रांत जैविक व आंदोलन प्रमुख
भारतीय किसान संघ, जोधपुर प्रांत