
जोधपुर. छात्र राजनीति के साथ ही देश में चल रही राजनीति की झलक देखने को मिल जाती है। जहां अगले साल के चुनावों को लेकर सुगबुगाहट तेज होने लगी है। वहीं छात्रसंघ चुनावों के द्वारा देश और प्रदेश में होने वाले चुनावों के दांवपेच साफ हो जाते हैं। पिछले सालों की तरह इस साल जोधपुर के जेएनवीयू में वैसा माहौल देखने को नहीं मिल रहा जो अक्सर होता रहा है। विद्यार्थियों की माने तो इस बार का माहौल तुलनात्मक रूप से ठंडा है। फिर भी विभिन्न धड़ों में अपना नाम जुड़वाने की जुगत में लगे प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जेएनवीयू के कैंपस में हो-हल्ला करते नजर आ रहे हैं। चुनावों की तारीख सिर पर है फिर भी प्रबल दावेदार उभर कर सामने नहीं आ रहे हैं। गत सालों में चेहरा देखकर वोट डालने वाली बात अबकी बार नजर नहीं आ रही। गत वर्ष जोधपुर के छात्रसंघ चुनावों में पहली बार महिला प्रत्याशी कांता ग्वाला ने जीत दर्ज करवाकर इतिहास रच दिया था। इसके बाद से महिला प्रत्याशियों में काफी हौसला देखने को मिला। हालांकि अभी भी पुरुष वर्चस्व के इस चुनाव में छात्रसंघ पार्टियां पुरुष प्रत्याशियों पर ही ज्यादा दांव लगाने पर जोर रखती हैं।
एनएसयूआई के चुनाव प्रभारी कुलदीप पुनिया ने किया दौरा
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) के छात्रसंघ चुनाव प्रभारी कुलदीप पुनिया ने मंगलवार को जयनारायण व्यास विवि के पुराना परिसर, नया परिसर और कमला नेहरु कॉलेज का दौरा कर छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर एनएसयूआइ प्रत्याशियों को समर्थन देने का आग्रह किया। इसके बाद शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान कई छात्र नेताओं ने उनसे मुलाकात कर टिकट देने की मांग की।
चुनावों से पहले छात्रसंघ कार्यालय खाली
सत्ता और कुर्सी का साथ पुराना है। सत्ता जाने के बाद भी नेताओं का कुर्सी के प्रति अपना मोह कम नहीं होता। ऐसा ही छात्रसंघ कार्यालय से जुड़ा देखने को मिलता रहा है। जहां चुनावों के बाद नवोदित अध्यक्ष कार्यालय ग्रहण कर उसे अपने अनुरूप तैयार करवाकर बड़े नेताओं द्वारा उद्घाटित करवाता रहा है। वहीं इस बार कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद चुनावों से पूर्व ही छात्रसंघ कार्यालय खाली करवाया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर ओल्ड कैंपस से कुछ फैकल्टीज का न्यू कैंपस में शिफ्ट हो जाने के कारण भी माहौल कुछ ठंडा सा ही लग रहा है। इसी तरह सुरक्षा व्यवस्था के चलते केएन कॉलेज भी छावनी में तब्दील हो गया है। इस कारण वहां भी पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिख रही है।