
Savi Shekhawat Bicycle Journey America: जोधपुर: जयपुर की 10वीं कक्षा की छात्रा सावी शेखावत अपनी आठ वर्षीय छोटी बहन के साथ विश्व शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण का संदेश लेकर 18 हजार किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा पर निकलने जा रही हैं। यह ऐतिहासिक यात्रा जयपुर के ऐतिहासिक हवामहल से शुरू होकर करीब 10 से 11 महीने में अमरीका पहुंचकर पूरी होगी।
गुरुवार को जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सावी ने अपनी इस साहसिक योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियार संपन्न देशों को अपने शस्त्रागार को क्रमबद्ध तरीके से समाप्त करने और विश्व को परमाणु खतरे से मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना है। यात्रा के दौरान दोनों बहनें उन सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को ज्ञापन सौंपेंगी, जिनके पास परमाणु हथियार हैं।
बता दें कि यह यात्रा चीन, रूस, बेलारूस, पोलैंड, जर्मनी, बेल्जियम और अमेरिका से होकर गुजरेगा। दोनों बहनें प्रतिदिन करीब 90 से 100 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। सावी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता उन्हें परिवार से विरासत में मिली है। उनका परिवार हाथी के गोबर से पर्यावरण अनुकूल कागज बनाने का काम करता है। बचपन से ही घर में पर्यावरण संरक्षण का माहौल रहा, जिसने उन्हें प्रकृति और वैश्विक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाया।
सावी के अनुसार, उन्होंने आठवीं कक्षा में पहली बार परमाणु बमों के विनाश के बारे में पढ़ा था। इसके बाद उन्होंने इस विषय पर गहन शोध किया और जाना कि परमाणु हथियार मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। इस अभियान को सफल बनाने में सावी की छोटी बहन, माता-पिता और पूरा परिवार उनके साथ रहेगा।
सावी शेखावत ने जोधपुर सर्किट हाउस में पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह को साइकिल यात्रा के बारे में जानकारी दी। सावी ने यात्रा के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ई-मेल भेजकर मुलाकात का समय मांगा है, ताकि उन्हें भी ज्ञापन सौंपा जा सके। सावी का मानना है कि यह यात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य के लिए एक जरूरी पहल है।