जोधपुर के बासनी क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में किसान की मौत के बाद बिल को लेकर विवाद हो गया। बिश्नोई समाज के विरोध के बाद पुलिस की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में सहमति बन गई।
जोधपुर। शहर के बासनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में किसान की मौत के बाद बिल को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुडिया और अस्पताल स्टाफ के बीच कहासुनी के बाद मारपीट तक की नौबत आ गई।
घटना के बाद बिश्नोई समाज के लोग अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे मामला तूल पकड़ गया। बाद में पुलिस की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में बातचीत हुई और सहमति बनने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग दिया।
जानकारी के अनुसार भोजाकोर निवासी किसान सुखराम बिश्नोई (70) को रविवार सुबह तबीयत खराब होने पर परिजन इलाज के लिए बासनी क्षेत्र के एक निजी अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों का कहना है कि अस्पताल स्टाफ ने 12 हजार रुपए जमा करवाने के बाद इलाज शुरू किया और बाकी खर्च योजना में कवर होने की बात कही। उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सुखराम की मौत की सूचना मिलने पर बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुडिया रविवार देर रात अस्पताल पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने बकाया बिल का हवाला देते हुए शव देने से पहले करीब एक लाख रुपए जमा कराने की बात कही।
इसी बात को लेकर बुडिया और अस्पताल स्टाफ के बीच बहस हो गई। देवेंद्र बुडिया का आरोप है कि जब उन्होंने स्टाफ से पैसों के लिए शव रोके जाने का कारण पूछा तो वहां मौजूद स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी की और अस्पताल से बाहर निकलते समय उनकी गाड़ी तक आकर मारपीट की।
वहीं अस्पताल पक्ष का कहना है कि विवाद के दौरान देवेंद्र बुडिया ने स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया और एक कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद बिश्नोई समाज के लोग अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और विरोध में धरना शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर बासनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अधिकारी नितिन दवे ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत करवाई गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रोशन मीणा ने बताया कि आपसी सहमति बनने के बाद धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी गई है।