जोधपुर

यह कैसी साइलेंस रोड ? बज रहे हॉर्न पर हॉर्न, जमकर हो रहा शोरगुल

बिग इश्यू : न पुलिस को परवाह, न प्रशासन गंभीर-आए दिन निकलते हैं जुलूस, गुजरती हैं रैलियां, गूंजते हैं डीजे
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Aug 20, 2018
What kind of Silence Road? Big Problem of Mahatma Gandhi Hospital
यह कैसी साइलेंस रोड ? बज रहे हॉर्न पर हॉर्न, जमकर हो रहा शोरगुल

महात्मा गांधी अस्पताल के तीन तरफ सड़कों पर बिगड़ रहे हालात

जोधपुर.

शहर के महात्मा गांधी अस्पताल को जोडऩे वाली मुख्य सड़क दिखने व कहने के लिए भले ही 'साइलेंसÓ घोषित है, लेकिन 'साइलेंसÓ क्षेत्र की पालना कहीं नजर नहीं आ रही। हालात इतने खराब हैं कि गांधी अस्पताल के वार्डों में तेज हॉर्न व डीजे का शोरगुल सुनाई देने से मरीजों की धड़कन तक कम्पन हो रहा है।
आए दिन शहर में जुलूस, रैलियां निकलने के दौरान तो अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने की मुख्य सड़क, रेलवे स्टेशन की तरफ से पीछे की सड़क और गांधी स्कूल की तरफ सड़क पर जाम लग जाते हैं। जब इन सड़कों पर डीजे व शोरगुल होता है, तब अस्पताल के इनडोर में भर्ती औसत 400 से अधिक मरीजों की सांसें कांपने लगती हैं। अस्पताल के कॉर्डियोलॉजी, पोस्ट ऑपरेटिव, मेडिसिन व सर्जरी सहित अन्य वार्डों में भर्ती रोगियों को अधिक परेशानी होती है। अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारी तक अस्पताल के बाहर हो रहे शोरगुल, रैलियों व जुलूसों से लगने वाले जाम से खासे परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना कि कई बार अस्पताल के आगे व पीछे की सड़क जाम होने पर मरीज या उनके परिजन तथा एम्बुलेंस को निकलने में भी भारी परेशानी हो जाती है। जुलूस में पुलिस मौजूद रहने के बावजूद शोरगुल व अव्यवस्था रोकने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई नहीं जाती।

इसकी पालना सख्ती से हों-

-यदि कोई जुलूस अस्पताल के सामने या पीछे या गांधी स्कूल की तरफ से निकालना जरूरी हो तो बिना शोरगुल बगैर रूके जल्दी से निकाल देना चाहिए।

-जुलूस या रैली में किसी प्रकार के डीजे व नारेबाजी या हॉर्न बजने पर पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

-कई बार रात के समय भी यहां से डीजे बजते हैं, वे बंद कराने चाहिए।

-दिन भर गुजरने वाले वाहनों की ओर से हॉर्न बजने पर पुलिस की ओर से तुरंत चालान कार्रवाई करनी चाहिए।

-अस्पताल की सड़क पर जगह-जगह साइलेंस रोड या हॉर्न बजाना या शोरगुल नहीं करने के बोर्ड लगाने चाहिए।


इनका कहना है

महात्मा गांधी अस्पताल के सामने व पास के सड़क मार्ग साइलेंस जोन हैं, लेकिन दिन भर वाहनों के तेज हॉर्न बजते हैं। रैलियों व जुलूस भी शांत तरीके से निकाले जाने चाहिए। पुलिस व प्रशासन को साइलेंस जोन की पालना सख्ती से करानी चाहिए।
-डॉ. पी. सी. व्यास, अधीक्षक, महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर

Published on:
20 Aug 2018 11:36 pm