जोधपुर

Asaram News: 20 दिन की पैरोल के बाद भी जेल में क्यों बंद है आसाराम? राजस्थान सरकार से हाईकोर्ट का सवाल

राजस्थान हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर होने के बावजूद आसाराम को जेल से रिहा नहीं किए जाने पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच ने नोटिस जारी कर 17 अगस्त को अगली सुनवाई तय की है।
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Aug 08, 2026
Asaram Granted 20-Day Parole
आसाराम (पत्रिका फोटो)

Asaram Parole News: उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को लेकर एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिलने के बावजूद आसाराम को जेल प्रशासन ने रिहा नहीं किया है। इस बात से नाराज होकर आसाराम के वकीलों ने फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद अदालत ने राजस्थान सरकार से सवाल किया है कि आदेश के बाद भी रिहाई क्यों नहीं हुई?

राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच में इस मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूरी स्थिति पर जवाब-तलब किया है। अब सरकार और जेल प्रशासन को कोर्ट में यह साफ करना होगा कि पैरोल मिलने के बाद भी आसाराम को बाहर क्यों नहीं आने दिया गया। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख तय की है। फिलहाल, आसाराम जोधपुर के एक आयुर्वेद अस्पताल में पुलिस हिरासत के बीच अपना इलाज करवा रहा है।

क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में?

वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने खराब सेहत के आधार पर आसाराम को अंतरिम जमानत देने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया और उसे पेंडिंग रखा है। कोर्ट का कहना है कि अगर भविष्य में स्वास्थ्य स्थिति अधिक बिगड़ती है तो वे दोबारा अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल कर सकते हैं।

सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आसाराम ने हाईकोर्ट से 20 दिनों की पैरोल मांगते समय यह बात छुपाई थी कि सुप्रीम कोर्ट में भी उनकी अंतरिम जमानत की याचिका चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई और जानकारी छुपाने की कोशिश की निंदा की।

मांगी गई एम्स की रिपोर्ट

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की असली मेडिकल स्थिति जानने के लिए एम्स से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। एम्स की मेडिकल टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती रखने की तुरंत जरूरत नहीं है, लेकिन उनकी उम्र और बीमारियों को देखते हुए 24 घंटे उनकी सेहत पर नजर रखी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को राहत देते हुए चौबीसों घंटे उनकी देखभाल के लिए अपनी पसंद का एक प्रशिक्षित केयरगिवर रखने की अनुमति दे दी है।

अब 17 अगस्त को होगी सुनवाई

फिलहाल, आसाराम की रिहाई का मामला कानूनी पचड़ों में उलझ गया है। एक तरफ जहां हाईकोर्ट के पैरोल आदेश पर अमल न होने से सवाल उठ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में जानकारी छुपाने के आरोप ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। अब 17 अगस्त को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में ही साफ हो पाएगा कि आसाराम को पैरोल पर बाहर आने का मौका मिलेगा या उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा।

Updated on:
08 Aug 2026 03:57 pm
Published on:
08 Aug 2026 02:50 pm