Kanker Betting Racket: कांकेर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
IPL Betting Scam: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई “उजियारा अभियान” के तहत सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। पुलिस को लंबे समय से इस नेटवर्क के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस अभियान का उद्देश्य जिले में ऑनलाइन सट्टा और अवैध जुआ गतिविधियों पर सख्त रोक लगाना है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2.25 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ज्ञानी चौक स्थित माखन भोग होटल के पास कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल क्रिकेट मैच और ऑनलाइन कैसीनो गेम पर सट्टा लगा रहे हैं। सूचना के आधार पर प्रशिक्षु आईपीएस थाना प्रभारी प्रतीक दादासाहब बनसोडे के नेतृत्व में टीम गठित की गई और मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में अमीन खान, मनीष कावडे, सलमान मेमन और रिजवान फारूकी शामिल हैं। पूछताछ में सभी ने ऑनलाइन सट्टे में शामिल होने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि राहुल गिडलानी, अमन खटवानी और एक नाबालिग इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह ऑनलाइन सट्टा खेलने और खिलाने के लिए आईडी उपलब्ध कराकर अवैध आर्थिक लाभ कमा रहा था। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जा रहा था।
सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 170/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और 8 तथा बीएनएस की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अमन खटवानी के खिलाफ वर्ष 2021 और 2024 में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऑनलाइन सट्टा और अवैध जुआ नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि युवाओं को इस अवैध गतिविधि से दूर रखा जा सके और ऐसे संगठित गिरोहों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।