कानपुर

बिकरु कांड से मशहूर विकास दुबे की पत्नी ने खुशी दुबे पर किया बड़ा हमला, बोली- इसकी तीन शादी

Kanpur Bikaru incident‌‌: Vikas Dubey wife Richa Dubey कानपुर में बिकरु कांड में शामिल विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने कहा कि खुशी को 'दुबे' ना लिखा जाए। उन्होंने खुशी पर तीन शादी करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि खुशी के मां-बाप विकास दुबे से मदद मांगने के लिए आए थे।

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Jan 24, 2026
फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब

Kanpur Bikaru incident‌‌: Vikas Dubey wife, Richa Dubey said कानपुर के बिकरु कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने खुशी दुबे पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मां की बीमारी के लिए मदद लेने का तरीका गलत है। खुशी दुबे विकास दुबे पर गंभीर आरोप लगा रही है जबकि उसके मां-बाप विकास दुबे से खुशी के लिए ब्राह्मण के नाम पर मदद मांगने के लिए आए थे। इसके पहले खुशी दुबे सोशल मीडिया और पत्रकारों से बातचीत करते हुए विकास दुबे पर गंभीर आरोप लगा चुकी है कि उसकी शादी जबरदस्ती उठाकर की गई है, इसकी सुहागरात भी नहीं हुई है। अब विकास दुबे की पत्नी ने खुशी के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है।

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क्या कहती है विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे?

उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरु कांड में शामिल विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने बताया कि खुशी दुबे को यदि अपनी मां की बीमारी बतानी है तो उसको उसे बताएं, लेकिन यह बताना गलत है कि उसे उठाकर के ले जाया गया और बंदूक लगाकर किडनैप किया गया। उन्होंने पत्रकारों से पूछा कि एक भैंस के मुकदमे में विकास दुबे का एनकाउंटर हो गया। यदि उन्होंने लड़की को किडनैप किया होता तो क्या हुआ होता? अप्रैल से खुशी दुबे अमर के साथ रह रही थी। ‌

खुशी की तीन शादी हुई

ऋचा दुबे ने बताया कि 10 किलोमीटर के दायरे में किसी से पूछिए। यह कहानी सभी बता देंगे। खुशी की तीन शादी हुई थी। पहली शादी के विषय में जानकारी लड़के के विषय में जानकारी नहीं हो पाई। दूसरे लड़के का नाम अतुल ठाकुर निवासी कुशी खेड़ा, नेवादा पुरवा है। कल भी वह लड़का मौजूद था।

खुशी दुबे की शादी अमर दुबे से नहीं

ऋचा दुबे ने बताया कि इस बात की जानकारी गांव वालों से मिली है। कानून के अनुसार एक लड़का एक ही शादी कर सकता है। दूसरी शादी को लीगल नहीं माना जा सकता है। खुशी को 'दुबे' से ना जोड़कर उसे खुशी 'तिवारी' कहा जाए। क्योंकि उसके मायके में तिवारी हैं या फिर उसे ठाकुर कह सकते हैं क्योंकि उसका पति जिंदा है।

खुशी के माता-पिता मदद मांगने के लिए आए थे

एक सवाल के जवाब में ऋचा तिवारी ने कहा कि उसे उठाकर नहीं लाया गया है। खुशी को ठाकुर के घर से उठाकर लाया गया था। जब उसकी मां-बाप विकास दुबे से मदद मांगने के लिए आई थी कि एक ब्राह्मण लड़की ठाकुर के घर महीनों से रह रही है। तब विकास दुबे खुशी को वहां से लेकर आए थे, जिसका गांव में काफी विरोध भी हुआ था क्योंकि पूरा गांव ठाकुरों का है।

विकास दुबे ने की थी मदद

लेकिन विकास दुबे भारी विरोध के बाद भी खुशी को वहां से उठाकर लाए थे। उसके बाद खुशी अमर के साथ रहने लगी। तब किसी ने कोई शिकायत नहीं की थी। उसके भाई के साथ भी कुछ नहीं किया गया। गांव में हुई पंचायत में खुशी की मां ने खुद मदद मांगी थी। उन्हें भी खुशी के विषय में तब मालूम हुआ कि यह वही लड़की है जिसके मैटर में वह गांव गई थी।

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