
Student Suicide: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां पढ़ाई में अव्वल रहने वाले एक बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट स्टूडेंट ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें छात्र ने अपने पिता से भावुक होकर माफी मांगी है। छात्र ने लिखा है कि, 'सॉरी पापा... मैंने 50 बार सरकारी नौकरी पाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। मुझे माफ कर देना।'
पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना गोविंद नगर के गुजैनी इलाके की है। मृतक की पहचान 23 वर्षीय आनंद के रूप में हुई है। घटना के वक्त आनंद अपने तीन मंजिला घर में अकेला था, जबकि उसका परिवार बड़े भाई अमित की शादी तय करने के लिए बिहार गया हुआ था। घर में काम करने वाली महिला जब वहां पहुंची और आनंद के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो... अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद उसने पड़ोसियों और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो आनंद का शव छत के पंखे से लटकता मिला।
पुलिस को आनंद के कमरे से पांच लाइन का एक हाथ से लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला है। इसमें आनंद ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि, 'सॉरी पापा... मैंने सरकारी नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार प्रयास किया लेकिन मैं सफल नहीं हो सका, कृपया मुझे माफ कर दीजिएगा।' आनंद के पिता राजकुमार ने बताया कि उनका बेटा रेलवे, एसएससी, बैंकों और शिक्षा विभाग की कई भर्ती परीक्षाओं में शामिल हुआ था। लगातार असफलता मिलने के कारण वह पिछले कई महीनों से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
आनंद पढ़ाई में बहुत होनहार छात्र था। उसने साल 2024 में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज (PSIT) से BTech इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। वह अपने कॉलेज का टॉपर था और उसने पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरी रैंक हासिल की थी। 13 अगस्त, 2024 को उसे कॉलेज के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। बीटेक के बाद उसने पावर ग्रिड के साथ एक साल की अप्रेंटिसशिप भी पूरी की थी।
गोविंद नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दुबे ने बताया कि शुरुआती जांच में यही सामने आया है कि युवक सरकारी नौकरी न मिलने के कारण गंभीर तनाव में था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। शनिवार शाम को भैरव घाट पर आनंद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के पिता राजकुमार लोहिया प्राइवेट लिमिटेड से रिटायर कर्मचारी हैं और उनका परिवार मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है।