कानपुर

अखिलेश यादव की बेटी अदिति को लेकर वायरल पोस्ट पर कानपुर में FIR, तीन लोगों पर साइबर थाने में मुकदमा

Akhilesh Yadav daughter Aditi case : कानपुर साइबर थाने में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर भ्रामक पोस्ट वायरल करने के आरोप में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस डिजिटल जांच में जुटी है।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव PC- ANI

कानपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित भ्रामक पोस्ट अब कानूनी विवाद का रूप ले चुकी है। कानपुर साइबर क्राइम थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता और समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव का आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अदिति यादव के खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर डिजिटल जांच शुरू कर दी है।

एडिटेड फोटो और झूठे आरोपों का दावा

एफआईआर के मुताबिक, 9 जून को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुई थी। आरोप है कि भारत कुमार पटेल नाम की आईडी से साझा की गई पोस्ट में अदिति यादव को लेकर कई भ्रामक दावे किए गए। पोस्ट में कथित तौर पर उन्हें चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक तस्वीर को एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि वायरल सामग्री पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन है।

तीन आरोपियों को बनाया गया नामजद

पुलिस ने इस मामले में भारत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव को नामजद आरोपी बनाया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 और 336(4) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66E के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

डिजिटल फॉरेंसिक जांच में जुटी पुलिस

साइबर क्राइम थाना पुलिस अब वायरल पोस्ट के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स, पोस्ट के स्रोत, इस्तेमाल किए गए डिवाइस और अपलोड की लोकेशन का डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि पोस्ट किसी व्यक्ति विशेष द्वारा साझा की गई थी या इसके पीछे कोई संगठित अभियान काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद बढ़ सकती हैं धाराएं

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यदि जांच के दौरान किसी साजिश, फर्जीवाड़े या संगठित साइबर गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में और गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल साइबर पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

Updated on:
11 Jun 2026 10:25 pm
Published on:
11 Jun 2026 10:25 pm
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