
बहू से ज्यादा आरोपी के संपर्क में था बेटा (photo- x@PayallSingh13)
Kanpur Vinit Minocha Murder Case Update:कानपुर में बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले में अब साल 2022 की एक वसीयत सामने आई है जिसके मुताबिक मृतक की संपत्ति में पत्नी, बेटे और बेटी को हिस्सेदार बनाया गया था लेकिन बहू शालू को इस वसीयत से पूरी तरह बाहर रखा गया था। इस पूरे प्रकरण में अब पुलिस की नजर सिर्फ आरोपी बहू शालू और हत्या के आरोपित विशाल गौतम पर नहीं है, बल्कि अब विनीत के बेटे सुब्रत की विशाल से हुई बातचीत भी जांच के केंद्र में है।
पुलिस के मुताबिक, विनीत मिनोचा ने वर्ष 2022 में रजिस्टर्ड वसीयत कराई थी। इसमें पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी को संपत्ति में हिस्सेदार बनाया गया था। पुलिस को कानपुर और गाजियाबाद में विनीत की कई संपत्तियों की जानकारी मिली है। इनमें बिरहाना रोड के फ्लैट और कैनाल रोड की संपत्ति भी शामिल है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वसीयत में बहू का नाम नहीं होने और संपत्ति के बंटवारे का इस हत्या की साजिश से कोई कनेक्शन है या नहीं। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत पर ऑनलाइन क्रेडिट और दूसरी देनदारियां होने के संकेत भी मिले हैं। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में 7 मोबाइल नंबरों की 1 हजार पेज की कॉल डिटेल खंगाली गई है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मृतक के बेटे सुब्रत और हत्यारोपी शूटर विशाल गौतम के बीच 300 से ज्यादा बार बातचीत हुई थी। इन सभी नंबरों में सबसे ज्यादा बातचीत सुब्रत और विशाल के बीच ही रिकॉर्ड की गई है जिसके बाद पुलिस का शक बेटे सुब्रत पर भी गहरा गया है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने सुब्रत की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
इस बीच जेल में बंद आरोपी बहू शालू के वकील शिवकांत दीक्षित ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वकील का दावा है कि शालू का फोन पुलिस द्वारा पहले ही जब्त किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद 6 सितंबर को सुबह 10 बजकर 3 मिनट पर उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक्टिविटी दर्ज की गई थी। इसके अलावा वकील ने हत्या की रात सुब्रत के बैंक जाने के मामले की भी उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि हत्यारोपी विशाल ने वारदात से 2 दिन पहले 3 सितंबर को एक नया सिम कार्ड खरीदा था और अपने पुराने नंबर का इस्तेमाल बंद कर दिया था। इसी नए नंबर से उसने शालू और सुब्रत दोनों से संपर्क साधा था। विशाल ने पहले दावा किया था कि शालू ने उसे पकड़े जाने पर सुब्रत का नाम लेने को कहा था। अब पुलिस इन सभी बयानों और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस जल्द ही दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर सुब्रत के साथ आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी ताकि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।
पुलिस ने सुब्रत से भी पूछताछ शुरू कर दी है। कल्याणपुर थाने में उससे करीब दो घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। इस दौरान लगभग 30 सवाल पूछे गए, जिसके बाद उसे जाने दिया गया। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, जेल में आरोपियों के बयान लेने के बाद कोर्ट से दोनों का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा जाएगा। इसके बाद शालू और सुब्रत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विशाल और सुब्रत का भी आमना-सामना कराया जाएगा। फिलहाल जांच का फोकस इस बात पर है कि विशाल का सुब्रत से इतना संपर्क क्यों था और हत्या से पहले लिए गए नए नंबर से उसने दोनों को फोन क्यों किया था।
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Updated on:
16 Sept 2026 12:37 pm
Published on:
16 Sept 2026 12:24 pm
