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Kanpur News: सहायक प्रोफेसर की नौकरी और पीएचडी का झांसा देकर 36.67 लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज

Kanpur Fraud News:कानपुर में सहायक प्रोफेसर की नौकरी और पीएचडी में दाखिले का झांसा देकर युवती-पिता से 36.67 लाख रुपये ठगने का आरोप है। यूजीसी अधिकारी का बताया नंबर भी फर्जी निकला। कल्याणपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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Kanpur News

सांकेतिक AI फोटो

Kanpur News: कानपुर में सहायक प्रोफेसर की नौकरी और पीएचडी में दाखिले का भरोसा देकर एक व्यक्ति ने युवती और उसके पिता से 36 लाख 67 हजार 989 रुपये ठग लिए।आरोपी ने यूजीसी में अपनी पहुंच होने का दावा किया और नौकरी के साथ पीएचडी में दाखिला व गाइड दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद प्रशिक्षण, विश्वविद्यालय में दाखिला, लैपटॉप, ड्रेस किट और गाइड के नाम पर रकम वसूलता रहा। ज्वाइनिंग नहीं होने पर युवती को शक हुआ। पड़ताल में यूजीसी अधिकारी का बताया गया मोबाइल नंबर भी फर्जी निकला। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कल्याणपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नेट परीक्षा के बाद शुरू हुआ ठगी का खेल

चैतन्य बिहार निवासी स्नेह ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने दिसंबर 2023 में नेट परीक्षा दी थी। परिणाम आने के बाद उनके चाचा के परिचित विमलेश ने यूजीसी में आने-जाने की बात कहते हुए उनका प्रवेशपत्र ले लिया। उसने प्रमाणपत्र जमा कराने के बाद पीएचडी में दाखिला, गाइड और सहायक प्रोफेसर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।इसके बाद अलग-अलग जगह रुपए जमा करने के लिए मांग की जाने लगी। फरवरी 2024 में प्रशिक्षण के नाम पर और मार्च में झांसी केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिले के नाम पर लैपटॉप और ड्रेस किट के लिए, पीएचडी गाइड के नाम पर रुपए लिए गए।

कमरा, बिजली बिल और वाहन कर के नाम पर भी रुपये मांगे

शिकायत के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने कमरा आवंटन, बिजली बिल, वाहन कर समेत कई अन्य मदों में भी रुपये मांगे। हर बार ज्वाइनिंग होने के बाद रकम वापस करने का भरोसा दिया गया। ज्वाइनिंग नहीं होने पर स्नेह ने जून 2024 के बाद रुपये देना बंद कर दिया। इसके बाद रकम वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा।

यूजीसी अधिकारी का नंबर बताया, जांच में आरोपी का निकला

वर्ष 2026 में स्नेह ने मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भेजी। शिकायत में विमलेश द्वारा यूजीसी अधिकारी का बताया गया मोबाइल नंबर भी दिया गया था। वहां से जवाब मिला कि यह नंबर किसी यूजीसी अधिकारी का नहीं, बल्कि विमलेश नाम के व्यक्ति का है। इसके बाद पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी गई। स्नेह के मुताबिक शिकायत की जानकारी विमलेश को भी हो गई। आरोप है कि उसने दो जुलाई को उन्हें जान से मारने की धमकी दी। साथ ही स्टांप पेपर, परिवार के आधार कार्ड और चार खाली चेक भी अपने पास रख लिए। वही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रकम के लेनदेन, आरोपी द्वारा किए गए दावों और धमकी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।