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Gonda News: एक नंबर पर कई गाड़ियां! छोटे ट्रांसपोर्टरों ने खोला बड़े मालिकों का राज, अब मचेगा हड़कंप

Gonda News: गोंडा के करनैलगंज में छोटे ट्रांसपोर्टरों ने बैठक कर बड़े वाहन मालिकों पर गंभीर आरोप लगाए। ओवरलोड और बिना रॉयल्टी बाहरी गाड़ियों की एंट्री, एक नंबर पर कई वाहन चलने और बढ़ती लागत से परेशानी की बात कही। छोटे वाहन मालिकों ने अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करने की बात कही।
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जानकारी देते सुनील कुमार पांडे फोटो सोर्स महेंद्र तिवारी

Gonda News:गोंडा में छोटे ट्रांसपोर्टरों की परेशानियां अब खुलकर सामने आ गई है। जिले के करनैलगंज क्षेत्र में हुई बैठक में वाहन मालिकों ने बड़े ट्रांसपोर्टरों और संबंधित विभागों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद ओवरलोड और बिना रॉयल्टी वाली बाहरी गाड़ियां जिले में आ रही हैं। इससे छोटे वाहन मालिकों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। डीजल, टोल और पार्ट्स की बढ़ती कीमतों ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

गोंडा जिले के करनैलगंज क्षेत्र में छोटे वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों ने अपनी समस्याओं को लेकर बैठक की। इसमें ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने अपनी परेशानी बताई। उनका कहना है कि बड़े वाहन मालिकों के चलते छोटे ट्रांसपोर्टरों के सामने कारोबार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। इस दौरान संबंधित विभागों की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

ओवरलोड गाड़ियों की एंट्री का आरोप

छोटे ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के चलते जिले में ओवरलोड गाड़ियों की एंट्री हो रही है। उनका कहना है कि बाहरी गाड़ियां बिना रॉयल्टी के गिट्टी और मौरंग लेकर गोंडा पहुंच रही हैं। इससे स्थानीय छोटे वाहन मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने एक नंबर पर कई गाड़ियां चलने का भी गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस तरह की शिकायतें लगातार संबंधित विभागों तक पहुंचाई जा रही हैं। लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। बैठक में इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही गई।

डीजल और टोल महंगे, कारोबार पर बढ़ा दबाव

छोटे वाहन मालिकों ने बताया कि डीजल, टोल टैक्स और गाड़ियों के पार्ट्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में वाहन चलाने का खर्च बढ़ गया है। दूसरी ओर बड़े वाहन मालिकों पर सस्ते रेट में गिट्टी और मौरंग बेचने का आरोप लगाया गया। छोटे ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि बड़े वाहन मालिक कम रेट पर माल उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे छोटे वाहन मालिकों को काम मिलना मुश्किल हो रहा है। खर्च बढ़ने और प्रतिस्पर्धा के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।

अधिकारियों से शिकायत करेंगे छोटे ट्रांसपोर्टर

बैठक में मौजूद वाहन मालिकों ने कहा कि वे अपनी समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि पहले भी कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छोटे ट्रांसपोर्टरों ने ओवरलोड वाहनों, बिना रॉयल्टी आने वाली बाहरी गाड़ियों और एक नंबर पर कई वाहन चलने के आरोपों की जांच कराने की मांग की है। वाहन मालिकों ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे।