LPG Supply Kanpur :कानपुर में एलपीजी गैस की कमी की अफवाहों के बीच डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने समीक्षा बैठक कर स्थिति स्पष्ट की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में पर्याप्त गैस स्टॉक है। डीएम ने कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कानपुर नगर में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कैंप कार्यालय में पेट्रोलियम उत्पादों और घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहते हुए ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
बैठक में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कानपुर नगर में घरेलू एलपीजी के कुल 11,44,075 सक्रिय उपभोक्ता हैं। इनमें इंडियन ऑयल के 7,15,814, भारत पेट्रोलियम के 2,21,252 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 2,07,009 उपभोक्ता शामिल हैं।अधिकारियों के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और वितरण प्रणाली पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है, इसलिए नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।उन्होंने गैस कंपनियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सिलेंडरों की सप्लाई पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो, ताकि किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।
जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को निर्देश दिया कि सिलेंडरों की आपूर्ति “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” प्रणाली के तहत की जाए। यानी जिसने पहले बुकिंग कराई है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले सिलेंडर दिया जाए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी सीधे उपभोक्ताओं के घर पर ही की जाएगी। इसके लिए ओटीपी आधारित सत्यापन व्यवस्था अनिवार्य रहेगी। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यदि कहीं शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
बैठक में एडीएम (सिविल सप्लाई) राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार सिंह और पेट्रोलियम कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल व एचपीसीएल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर विशेष नजर रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति घरेलू सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो और किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कानपुर जिले में कुल 319 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इन सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और कहीं भी ईंधन की कमी की स्थिति नहीं है।इसके अलावा जिले में लगभग 11 हजार कमर्शियल गैस कनेक्शन भी हैं। गैस कंपनियों ने बताया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। आपूर्ति व्यवस्था और बेहतर होने के बाद अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी नियमित रूप से सिलेंडर दिए जाएंगे।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने नागरिकों से अपील की कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।