कानपुर

भतीजे अखिलेश पर भारी पड़े चाचा शिवपाल, यहां सपा प्रत्याशी को मिली करारी हार

सपा के पूर्व विधायक ने कहा कि निकाय में पार्टी की हार की समीक्षा होनी चाहिए...

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Dec 02, 2017

कानपुर. उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव के परिणाम शुक्रवार की शाम तक आ गए। यूपी में भाजपा की जीत से विरोधी दलों के अंदर हलचल बढ़ा दी है। कानपुर नगर में मेयर समेत से 50 से ज्यादा वार्डो में भाजपा ने कब्जा जमाया तो वहीं नगर पालिका के चुनाव परिणाम कमल, पंजा, साइकिल और हाथी व निर्दलीयों के पक्ष में आए। घाटमपुर से शिवपाल के करीबी संजय सचान चुनाव जीते तो बिल्हौर की जनता ने अखिलेश यादव के खास निर्भय सिंह के बजाए निर्दलीय मोहम्मद शादाब के हाथों पालिका की बागडोर सौंपी दी। इसी के बाद से अब राजनीतिक गलियरों में सपा परिवार की रार पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। सपा के एक पूर्व विधायक ने कहा कि निकाय में पार्टी की हार की समीक्षा होनी चाहिए और जिन्हें चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उनसे सवाल-जवाब करने चाहिए।

संजय सचान व शादाब चुनाव जीते
नगर निकाय के चुनाव में कानपुर नगर निगम में तो भाजपा ने पिछले प्रदर्शन को बेहतर करते हुए जबरदस्त जीत की। लेकिन नगर पालिका व नगर पंचायत में पार्टी का जादू नहीं चल सका। यहां पर निर्दलीयों ने अपना परचम लहराया। दिनभर चली मतगणना के बाद देर शाम जब नगर पालिका व नगर पंचायत के परिणाम आए तो सपा, बसपा व कांग्रेंस को सोचने पर मजबूर कर दिया। घाटमपुर नगर पालिका अध्यक्ष में निर्दलीय संजय सचान (5206) दूसरी बार अध्यक्ष बन गये। संजय ने सपा की चन्द्रकांती सचान (3429) से जीत दर्ज की। तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के इस्लाम (3041), चौथे नंबर पर निर्दलीय पंकज पाण्डेय (3028), पांचवें नंबर पर निर्दलीय मनोज व सातवें नंबर पर 816 मत पाकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ओम नारायण तिवारी रहे। संजय सचान सपा से राजनीति की शुरुआत की थी, लेकिन पूर्व सांसद राकेश सचान के चलते इन्होंने पार्टी से दूरी बना लीं। पर शिवपाल यादव के साथ इनकी नजदीकियां बनी रहीं।

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शादाब ने दर्ज की जीत, शिवपाल के माने जाते हैं करीबी
बिल्हौर नगर पालिका में 30 वर्षीय निर्दलीय मो. शादाब ने जीत दर्ज की। शादाब को 3781 मत मिले। दूसरे नंबर पर निर्दलीय सुमन को 3038 मत मिलें। तीसरे नंबर पर सपा समर्थित निर्दलीय निर्भय सिंह को 2168 मत मिले। चौथे नंबर पर निर्दलीय आफताब अहमद रहे। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी को 520 मत पाकर पांचवें स्थान पर संतोष करना पड़ा। शादाब 2017 विधानसभा से पहले सपा के कार्यकर्ता थे। पार्टी में घमासान के बाद शादाब ने सपा से दूरी बना ली, पर इनके सिर पर पूर्व मंत्री शिवपाल का हाथ बना रहा। निकाय चुनाव में शादाप ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव के मैदान में ताल ठोक दी। अखिलेश के करीबी निर्भय सिंह से शादाब ने जबरदस्त टक्कर ली और आज मतों की गिनती शुरू हुई तो चेयरमैन की कुर्सी शादाब को मिल गई।

विधायक की मां चुनी गई चेयरमैन
बिठूर नगर पंचायत में भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा की मां डॉ. निर्मला सिंह ने 3778 मत पाकर जीत दर्ज की। दूसरे नंबर पर सपा के विनोद दीक्षित 1664 मत पाये। तीसरे नंबर पर राजेन्द्र प्रसाद बसपा से रहे। वहीं शिवराजपुर नगर पंचायत में भी निर्दलीय ने बाजी मारी। यहां पर मनोज कुमार ने 955 मत पाकर जीत दर्ज की। दूसरे नंबर पर भाजपा के कैलाश नारायण कटियार 887 मत पाकर रहे। बसपा की शालिनी 881 मत पाकर तीसरे नंबर पर रहीं तो वहीं निर्दलीय रियाज खां 778 मत पाकर चौथे नंबर पर रहे। भाजपा के लिए बिठूर सीट मिलने से कुछ राहत भरी खबर रही, लेकिन सपा, बसपा और कांग्रेस का शहर के बाद ग्रामीण में प्रदर्शन बहुत खराब रहा। चुनाव में हार के बाद सपा नगर अध्यक्ष फजल महमूद ने कहा कि जनता का निर्णय हमें मंजूर है। 2019 के लोकसभा के चुनाव में हम फिर से भाजपा को टक्कर देंगे।

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Updated on:
02 Dec 2017 11:14 am
Published on:
02 Dec 2017 09:55 am
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