कड़ाके की सर्दी के बीच शौचालय में छोड़ी गई नवजात के रोने की आवाज ने इंसानियत को झकझोर दिया। समय पर लोगों और पुलिस की संवेदनशीलता से बच्ची की जान बच गई।
हिण्डौनसिटी। गलन भरी सर्दी के बीच शौचालय में पड़ी नवजात कन्या की रोने की मंद आवाज ने एक महिला को हैरान कर दिया। कलेजे को झकझोर देने वाली यह घटना शहर के बरगमा रोड क्षेत्र की है, जहां एक मकान के शौचालय में कमोड के पास किसी अज्ञात ने कपड़े में लपेटकर नवजात कन्या को नाल सहित छोड़ दिया।
सुबह जागने पर शौचालय से रोने की आवाज सुनाई दी। मकान मालिक विष्णु सोनी ने दरवाजा खोलकर देखा तो कपड़े में लिपटी नवजात ठिठुरती हालत में मिली। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना के सहायक उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और नवजात को शॉल से ढककर जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने बच्ची को एसएनसीयू यूनिट में भर्ती कर उपचार शुरू किया।
कोतवाली थाना अधिकारी महेंद्रसिंह चौधरी ने बताया कि बरगमा रोड निवासी विष्णु सोनी के अनुसार सुबह करीब 6.30 बजे उनकी वृद्ध मां शौच के बाद मंदिर दर्शन के लिए गई थीं। करीब एक घंटे बाद लौटने पर उन्हें शौचालय से रोने की आवाज सुनाई दी। परिजनों ने जाकर देखा तो कपड़े में लिपटी नवजात ठिठुरती हुई मिली।
बाद में नवजात को बाल कल्याण समिति करौली की सदस्य फरीदा शाह को सौंप दिया गया। महिला पुलिस कांस्टेबल की देखरेख में नवजात को करौली जिला चिकित्सालय शिफ्ट किया गया, जहां समिति की निगरानी में उसका उपचार जारी है। देर शाम तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी थी, हालांकि पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में पूछताछ कर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक विजयसिंह मीणा ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से नवजात की जान बच गई। उनके अनुसार बच्ची का जन्म कुछ ही घंटे पहले हुआ प्रतीत होता है और नवजात के साथ गर्भनाल भी जुड़ी हुई थी। सुबह अत्यधिक ठंड और गलन थी, लेकिन शौचालय का गेट बंद होने के कारण बच्ची ठंडी हवाओं से बची रही। गनीमत रही कि नवजात कमोड में नहीं गिरी।