
करौली। जिले के सकरघटा गांव में आयोजित किसान सम्मेलन और स्वर्गीय राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह में कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने संगठन, किसान, युवाओं और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। वहीं पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में किसानों के मुद्दों, पेपर लीक, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और कांग्रेस संगठन की दिशा को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।
विचारों में मतभेद हो सकते हैं, मन में नहीं
सचिन पायलट ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्तों में मनभेद नहीं होने चाहिए। उन्होंने संयम और संवाद की राजनीति पर जोर दिया।
पद नहीं, जनता की सेवा प्राथमिकता
पायलट ने कहा कि वे राजनीति में केवल पद या लाभ पाने के लिए नहीं आए हैं। पद रहे या न रहे, जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहना उनकी जिम्मेदारी है।
राजेश पायलट को किया याद
उन्होंने स्वर्गीय राजेश पायलट को गरीबों, किसानों और आमजन का सच्चा नेता बताया। कहा कि कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनका समर्पण अंतिम सांस तक बना रहा।
केन्द्र सरकार पर साधा निशाना
पायलट ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सवाल उठाने वालों को देशद्रोही बताने का माहौल बनाया जा रहा है।
पेपर लीक को बताया युवाओं के साथ अन्याय
उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है।
राजस्थान सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेरा
सचिन पायलट ने प्रदेश में बढ़ते अपराध, लूटपाट और भ्रष्टाचार के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनता सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।
किसानों की आय पर उठाया सवाल
उन्होंने पूछा कि क्या वास्तव में किसानों की आय दोगुनी हुई है। किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए।
पांचना बांध विवाद के समाधान की पैरवी
पायलट ने कहा कि पानी जैसे संसाधनों पर सभी का समान अधिकार है। सरकार को सभी पक्षों को साथ बैठाकर बातचीत से समाधान निकालना चाहिए।
रमेश मीणा का गहलोत पर बड़ा हमला
पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने मानेसर प्रकरण और कांग्रेस की हार को लेकर अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी से पार्टी नेतृत्व को लेकर गंभीर विचार करने की अपील की।
भव्य स्वागत और शक्ति प्रदर्शन
सकरघटा में सचिन पायलट का 101 किलो की माला और पारंपरिक हल भेंट कर स्वागत किया गया। वहीं हिण्डौन सिटी रेलवे स्टेशन पर भी समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।