लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से हंसी नगला समेत छह गांवों में पानी पहुंच गया है। प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद के पटियाली तहसील इलाके के आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में है। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से हंसी नगला समेत छह गांवों में पानी पहुंच गया है। प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इसके चलते गंगा किनारे सटे ग्रामीणों में न दिन में चैन है और न रात में नींद आ रही है। जिला प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।
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झोपड़ियां जलमग्न
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में हो रही भारी बरसात के बाद कासगंज जनपद की गंगा नदी उफान पर है। पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव हंसी नगला, जाटव नगर, हीरा नगला, दुर्जन नगला, जय किशन नगला में पानी घुस आया है, जिसके चलते ग्रामीणों की रिहायशी झोपड़ी जलमग्न हो गई हैं। बमुश्किल ग्रामीणों ने बच्चों और बुजर्गों को झोपड़ियों से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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नरौरा से छोड़ा गया पानी
गांव जलमग्न होने की सूचना मिलते ही पटियाली एसडीएम और तहसीलदार गांव में पहुंचे। उन्होंने बढ़ते जलस्तर के बारे में जानकारी हासिल की। उधर, नरौरा से गंगा नदी में एक लाख 69 हजार 256 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके चलते आधा दर्जन गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश होने की संभावना जताई जा रही। गंगा किनारे सटे ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ी हुई है।
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जिले में बाढ़ का खतरा नहीः डीएम
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कासगंज जनपद में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जाता है, तब कहीं बाढ़ की संभावना जताई जा सकती है। उन्होंने बताया कि बाढ़ क्षेत्रों में 17 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। वह लगातार नजर बनाए हुए हैं। किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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