पितृ अमावस्या पर सोरों शूकर क्षेत्र के हरपदीय गंगा कुंड का विशेष महत्व है।
कासगंज। आस्था एवं विश्वास का प्रतीक श्राद्ध पक्ष की पितृ अमावस्या मंगलवार को हिन्दू धर्मावलम्बियों द्वारा श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। इसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। शास्त्रों एवं स्थानीय विद्वानों के मतानुसार सोरों स्थित हरि की पौड़ी का श्राद्ध पक्ष में विशेष महत्व है। यहां तर्पण करने से पितरों को मुक्ति मिलती है।
ये है महत्व
जाने माने ज्योतिषाचार्य एवं प्रोफेसर डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि शूकर क्षेत्र सोरों स्थित हरपदीय गंगा का पितृ पक्ष में विशेष महत्व है। दैत्य हिरण्याक्ष से पृथ्वी से मुक्ति दिलाकर इसी हरपदीय गंगा में भगवान वाराह ने अपना शरीर त्याग कर मोक्ष की प्राप्ति की थी। तभी से इस स्थल की विशेष मान्यता है। इसी मान्यता के अनुसार दूरदराज क्षेत्र के श्रद्धालु अपने-अपने पितरों का तर्पण करने के लिए यहां आते हैं।
72 घंटे में गल जाती हैं हड्डियां
मान्यता ये भी है कि इस कुंड में अस्थियां विसर्जन की जाती है, वह 72 घंटे के अंदर पानी में घुलमिल जाती है। इसी को लेकर यहां राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोग स्नान करने के लिए जुटते है। मंगलवार को हजारों की संख्या में अपने अपने पितरों को श्राद्ध करने के लिए यहां लोग जुटेंगे।