कटनी

36 हजार बोरी धान चोरी मामला, भोपाल और जबलपुर से पहुंची टीम भी नहीं समझ पाई माजरा

भोपाल से आए अफसर नहीं लगा पाए पता कैसे और कितनी धान चोरी। मध्य प्रदेश वेयर हाउस के जीएम, आरएम सहित चार अफसर जांच में शामिल थे।

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Jan 10, 2023
36 हजार बोरी धान चोरी मामला, भोपाल और जबलपुर से पहुंची टीम भी नहीं समझ पाई माजरा

मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाली बड़वारा तहसील क्षेत्र के मझगवां ओपन कैंप में भंडारित धान से लगभग 36 हजार बोरी धान चोरी होने के सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद सोमवार को एक विशेष जांच टीम भोपाल और जबलपुर से कटनी वेयर हाउस पहुंची है। जानकारी के अनुसार, जांच अधिकारियाें ने गोग्रीन कंपनी प्रबंधन से कहा है कि, ओपन कैंप में अनाज जो फैला है, उसकी पैकिंग करें। इसके बाद भौतिक सत्यापन कराएं। टीम द्वारा ये प्रक्रिया दो दिन में करने के लिए कहा गया है। गुरुवार को फिर से टीम आकर जांच करेगी।

3 लाख 50 हजार क्विंटल भंडारित थी धान

जानकारी के अनुसार, 2021-22 में ओपन कैप मझगवां में 3 लाख 50 हजार क्विंटल धान भंडारित थी। लगभग 32 से 33 हजार मिट्रिक टन धान का उठाव मिलिंग के लिए कर लिया गया है। लगभग 3 हजार मिट्रिक टन धान गायब है। 36 हजार बोरी से अधिक धान गायब बताई जा रही है। अब सवाल ये उठता है कि, बिखरी पड़ी धान को समेटा भी जाता तो इतनी बड़ी चोरी की खाई को कैसे पाटा जाएगा।


अफसर भी नहीं समझ पाए माजरा

जांच करने के लिए मध्य प्रदेश वेयर हाउस भोपाल मुख्यालय जीएम ओपी कुशवाहा, आरएम संतोष सोलंकी, जीएम क्यूयूसी सीएम मिश्रा, जबलपुर से संदी निसारिया पहुंचे। कई घंटे तक चली जांच के बाद अफसर किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं कि, आखिर माजरा क्या है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

-मामले को लेकर भोपाल में स्थित मध्य प्रदेश वेयर हाउस के जीएम ओ.पी कुशवाह का कहना है कि, कटनी में धान चोरी मामले में जांच करने कटनी आए हैं। भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

-वहीं, इस संबंध में कटनी कलेक्टर अवि प्रसाद का कहना है कि, भोपाल की टीम जांच के लिए पहुंची थी। जो धान खुली पड़ी है उसे एकत्रित कर बैगों में पैक कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद गुरुवार को टीम एक बार फिर जांच कर निर्णय लेगी कि, आखिर कितनी बोरी धान चोरी हुई है।

Published on:
10 Jan 2023 04:11 pm
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