कौशाम्बी

Kaushambi News: पति का शव देखते ही बेसुध हुई पत्नी; गोदभराई के 7 दिनों के बाद उजड़ा सुहाग, सड़क हादसे में हुई थी मौत

Kaushambi News: गोदभराई की खुशियां मातम में बदल गईं। सड़क हादसे में शख्स की मौत से चक बक्तियारां गांव में सन्नाटा पसर गया। जानिए पूरा मामला क्या है?

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शव घर पहुंचते ही मची चीख-पुकार। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Kaushambi Latest News: सिराथू क्षेत्र के चक बक्तियारां गांव में शनिवार शाम उस समय मातम छा गया, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाले विवेक द्विवेदी का शव उनके घर पहुंचा। शव देखते ही गर्भवती पत्नी प्राची खुद को संभाल नहीं सकीं और बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घर की महिलाओं और परिजनों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाने का प्रयास किया, लेकिन पूरे घर में चीख-पुकार और विलाप का माहौल बना रहा।

बेटे के शव से लिपटकर रो पड़े माता-पिता

विवेक का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही पिता अनूप द्विवेदी और मां गीता देवी अपने बेटे के शव से लिपटकर फफक पड़े। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन परिवार के दर्द के आगे हर कोई भावुक नजर आया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान मृतक की पत्नी का भी रो-रो कर बुरा हाल था। हालांकि परिजनों ने सांत्वना देने का प्रयास किया।

सप्ताह भर पहले गूंजी थीं खुशियां, अब हर आंख नम

परिवार में अभी कुछ दिन पहले तक खुशियों का माहौल था। सप्ताह भर पहले ही विवेक की पत्नी प्राची की गोदभराई की रस्म बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई थी। परिवार आने वाले नए मेहमान के स्वागत की तैयारियों में जुटा था, लेकिन महज सात दिन बाद ही खुशियों ने मातम का रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी।

एक साल पहले हुई थी शादी

चक बक्तियारां गांव निवासी किसान अनूप द्विवेदी के बड़े बेटे विवेक द्विवेदी का विवाह करीब एक वर्ष पहले बिदनपुर ककोढ़ा गांव निवासी प्राची के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों का जीवन खुशहाल चल रहा था और परिवार में नए सदस्य के आगमन को लेकर सभी उत्साहित थे। प्राची गर्भवती थीं और घर में बच्चे के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं।

पढ़ाई के साथ भविष्य संवारने में जुटा था विवेक

विवेक द्विवेदी सैनी स्थित गुरुकुल विद्यालय में शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र थे। वहीं उनका छोटा भाई राज गुरुकुल महाविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। विवेक की असमय मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरा आघात पहुंचा है।