
Kaushambi Crime News:उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से कथित धर्मांतरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर गांव में स्थित एक मजार पर धर्म बदलने का दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने अब चार मौलवियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शनिवार को पीड़ित चंदन कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह बड़ी कार्रवाई की है।
इस घटना की शुरुआत गुरुवार 9 जुलाई को हुई थी जब बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता शहजादपुर की मजार पर पहुंच गए थे। कार्यकर्ताओं ने वहां लव जिहाद और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मजार पर तोड़फोड़ भी हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभाला और चार मौलवियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था। बजरंग दल के जिला संयोजक धीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उनकी टीम पिछले छह महीने से मजार पर चल रही इन संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
पुलिस को दी गई शिकायत में चंदन कुमार ने बताया है कि वह लगभग दो महीने पहले अपनी कुछ निजी समस्याओं के समाधान के लिए शहजादपुर स्थित सलारहाथन बाबा की मजार पर गए थे। वहां मौजूद लोगों ने उनसे 500 रुपये लिए और झाड़ फूंक करने के बाद उन्हें एक पानी की बोतल दे दी। इसके बाद उन्हें दोबारा बुलाया गया।
चंदन का आरोप है कि जब वह 9 जून को दोबारा मजार पर पहुंचे तो वहां मौजूद चार मौलवियों ने उनसे 5000 रुपये की मांग की। मौलवियों ने कथित तौर पर उनसे कहा कि उनकी समस्याएं तभी दूर होंगी जब वह इस्लाम धर्म अपनाएंगे। चंदन के मुताबिक मौलवियों ने उन पर कलमा पढ़ने, उर्दू सीखने और इस्लामी तौर तरीके अपनाने का भी दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित ने हिंदू संगठनों से संपर्क किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस दबाव और धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने सीधे पुलिस की शरण ली। पीड़ित की तहरीर और मामले की गंभीरता को देखते हुए कौशांबी पुलिस ने तत्काल प्रभाव से चारों आरोपी मौलवियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।