
FIR on BJP Leader: शहर में पारिवारिक विवाद के दौरान घर में घुसकर बुजुर्ग दंपती और उनके बेटे से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। प्रार्थी रवि कुमार शुक्ला की शिकायत पर पुलिस ने विजयलक्ष्मी तिवारी(भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष), वासु तिवारी और विक्की दुबे के खिलाफ एफ आईआर दर्ज की है। शिकायत में घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट, चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस को दिए आवेदन में रवि कुमार शुक्ला ने बताया कि 5 अगस्त की रात करीब 10 बजे उनके बड़े भाई के ससुराल पक्ष से जुड़ी विजयलक्ष्मी तिवारी, उनके पुत्र वासु तिवारी और दामाद विक्की दुबे घर पहुंचे। शिकायत के अनुसार बातचीत के दौरान गाली देने की बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके 70 वर्षीय सेवानिवृत्त पिता के साथ भी मारपीट की गई। उन्हें घर से घसीटकर गली में गिराने और वहां पीटने का आरोप लगाया गया है। आवेदन में पिता के पूर्व से लकवे से पीडि़त होने और गले का ऑपरेशन होने का भी उल्लेख किया गया है।
रवि शुक्ला के अनुसार उनकी मां गंगोत्री शुक्ला बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई और हाथ टूट गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे भी पकडक़र घसीटा गया और पत्थर व नाली में पटक-पटककर मारा गया। उसने सिर, आंख और पैर में चोट लगने की बात कही है। शिकायत के अनुसार आरोपियों की ओर से उसे और परिवार को भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी गई।
यह भी आरोप लगाया गया कि मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचने के दौरान विक्की दुबे ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोबारा मारपीट करने का प्रयास किया। आवेदन में अस्पताल प्रबंधन और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसका प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। मारपीट के आरोपों की वास्तविकता, चोटों की मेडिकल रिपोर्ट और घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पूरे मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तिवारी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पारिवारिक विवाद को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले को दूसरे रूप में पेश करने का प्रयास कर रही है जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी बेटी को ससुराल में परेशान किया जा रहा था और उसके साथ मारपीट की जाती थी।
बेटी द्वारा पूरी बात बताए जाने के बाद वह अपने दामाद के घर केवल बातचीत करने के लिए गई थीं। उन्होंने किसी तरह की राजनीतिक धौंस या अपने पद का रसूख नहीं दिखाया। उनके अनुसार वहां पहुंचने के बाद दूसरे पक्ष ने ही उन पर जबरन आरोप लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं भी मारपीट नहीं की गई। उनका कहना है कि वह पहले अकेले गई थीं, बाद में उनका बेटा और दामाद वहां पहुंचे। विजयलक्ष्मी तिवारी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच कर रही है और जांच में वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।