
Blind Murder Case: कबीरधाम पुलिस ने बोड़ला थाना क्षेत्र के बहुचर्चित अंधे हत्याकांड का महज सात दिन में खुलासा करते हुए मृतक के दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने मित्र को भोरमदेव-चिल्फी घाटी घूमने और शराब पीने के बहाने साथ ले गया था। रास्ते में दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना पत्थर, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र निवासी 34 वर्षीय उदय प्रताप सिंह राजपूत के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर और सीने पर किसी ठोस व भोथरी वस्तु से गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई। इसके बाद बोड़ला थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल, कॉल डिटेल, आने-जाने के मार्ग और उससे जुड़े लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर पुलिस का शक मृतक के एक करीबी दोस्त पर गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उदय प्रताप सिंह को भोरमदेव-चिल्फी घाटी घूमने और शराब पीने के बहाने अपने साथ ले गया था। रास्ते में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने पास में पड़े पत्थर से सिर और शरीर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
कबीरधाम पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और लगातार पूछताछ के आधार पर महज सात दिनों में इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।