शहर में गांजा बेचने का कारोबार काफी तेजी से फल-फूल रहा है। गांजा तस्करी व बिक्री में पुरुषों के साथ महिलाएं भी कहीं पीछे नहीं है।
कवर्धा. शहर में गांजा बेचने का कारोबार काफी तेजी से फल-फूल रहा है। गांजा तस्करी व बिक्री में पुरुषों के साथ महिलाएं भी कहीं पीछे नहीं है। कवर्धा में एेसा देखा जा रहा है कि गांजा तस्करी के कारोबार में तेजी से महिलाएं भी लिप्त पाई जा रही हैं। इसके चलते हर माह देवार पारा में छापामार कार्रवाई में गांजा बेचते हुए पकड़े जाते हैं।
एेसे ही एक शिकायत पर आबकारी विभाग ने देवार पारा में छापामार कार्रवाई की। आबकारी की छापामारी कार्रवाई 4.30 से 5 बजे चली। इसमें एक पुरुष व छह महिलाएं पकड़ी गई। विभागीय अफसरों के अनुसार यह महिलाएं देवार पारा में गांजा की पुडिय़ा बनाकर बेच रही थी। 10 से 50 रुपए की पुडिय़ा इनके कब्जे से बरामद किया गया। कुल डेढ़ किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। वहीं इनके घरों की भी तलाशी ली गई। घरों में गांजा के बजाए 35 नग देशी शराब मिला, जिसे जब्त किया गया।
देवार पारा के लोग सरकारी दुकान से शराब की खरीदी कर अवैध रुप से शराब की बिक्री कर रहे थे। चूंकि यह गांजा के छोटे-छोटे पुडिय़ा बनाकर और अलग-अलग बेच रही थी जिसके चलते इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई में आबकारी इंस्पेक्टर रंजीत गुप्ता, नितिन खंडूजा समेत 10 सैनिक और 8 महिला सैनिक थी।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यहां महिलाएं इस तरह से खुलेआम गांजा बेचती हैं। आरोप है कि ये महिलाएं यह काम बीते काफी दिनों से कर रही है। इसी तरह से इस क्षेत्र की दर्जनों महिलाएं गांजा खुलेआम बेचती हैं। पहचान छिपाने के नाम पर एक शख्स ने बताया कि ये महिलाएं अपने घरों में पैकेट बनाकर रखती हैं। घर के अंदर सुरंग बनाकर गांजे के पैकट को सुरंग के अंदर रखती हैं। इसके बाद उस सुरंग के ऊपर कालीन व चटाई बिछाकर रखती हैं।