
Kawardha Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बंद पड़ी LIC पॉलिसी की रकम वापस दिलाने का झांसा देकर 69 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अधिकारी बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। मामले में कबीरधाम साइबर पुलिस ने दिल्ली से एक आरोपी मोहम्मद जैद खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ठगी की कुल रकम 69,37,518 रुपये है। इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर को पीड़ित ने साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात लोगों ने खुद को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक का अधिकारी बताकर संपर्क किया था। उन्होंने बंद पड़ी LIC पॉलिसी की राशि वापस दिलाने का भरोसा दिया और इसी बहाने पीड़ित से पैसे ऐंठने शुरू कर दिए।
आरोपियों ने पॉलिसी रिकवर कराने, NOC प्राप्त करने और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई। पुलिस के मुताबिक, नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच पीड़ित से कुल 69,37,518 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी आधार पर दिल्ली निवासी मोहम्मद जैद खान की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद कबीरधाम पुलिस की विशेष टीम आरोपी की तलाश में दिल्ली-एनसीआर पहुंची।
पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली-एनसीआर के घनी आबादी वाले इलाके में पांच दिनों तक पतासाजी की। इसके बाद मोहम्मद जैद खान को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में काम करता है। वह अपने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों की रकम वापस दिलाने के नाम पर लोगों को निशाना बनाता था। इसके लिए फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था।
इस मामले में पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य माध्यमों की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बंद बीमा पॉलिसी की रकम वापस दिलाने या NOC जारी कराने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेन-देन की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।